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'भाजपा के पास कई शिंदे, वह यूज करते हैं और फेंक देते हैं', CM के चुनाव से पहले शिवसेना (UBT) ने भड़का दी चिंगारी

शिवसेना यूबीटी के नेता दानवे ने यह भी बताया कि भाजपा की रणनीति हमेशा "यूज एंड थ्रो" की रही है, जिसमें वे नेताओं का इस्तेमाल अपने फायदे के लिए करती हैं, और जब उन्हें किसी और की जरूरत होती है, तो उस नेता को छोड़ देती है.

Sagar
Edited By: Sagar Bhardwaj
'भाजपा के पास कई शिंदे, वह यूज करते हैं और फेंक देते हैं', CM के चुनाव से पहले शिवसेना (UBT) ने भड़का दी चिंगारी

Maharashtra News: महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री के चुनाव से पहले शिवसेना यूबीटी के नेता अंबादास दानवे ने भारतीय जनता पार्टी पर बड़ा हमला किया है. उन्होंने कहा कि भाजपा के पास 'कई शिंदे' हैं, जिनका इस्तेमाल पार्टी करती है और बाद में उन्हें फेंक देती है. उनका इस बयान ने महायुति में चिंगारी भड़का दी है. उनका यह बयान ऐसे समय में आया है जब शिंदे ने स्पष्ट कह दिया है कि महाराष्ट्र का अगला मुख्यमंत्री बीजेपी से होगा. 

 'यूज एंड थ्रो' की राजनीति अपनाती है भाजपा
दानवे ने आरोप लगाया कि भाजपा का स्वभाव है कि वह विभिन्न राज्यों में शिंदे जैसे नेताओं का इस्तेमाल करती है और फिर उन्हें छोड़ देती है. उन्होंने यह टिप्पणी भाजपा द्वारा महाराष्ट्र में विधानसभा चुनावों के बाद मुख्यमंत्री पद को लेकर चल रहे असमंजस के बीच की. जहां भाजपा ने 132 सीटें जीतकर सबसे बड़ा गठबंधन साझेदार बनकर उभरी है, वहीं शिंदे की शिवसेना और अजित पवार की एनसीपी ने क्रमशः 57 और 41 सीटें जीतीं.

मुख्यमंत्री पद पर फैसला
यह बयान एकनाथ शिंदे द्वारा मुख्यमंत्री पद को लेकर पार्टी नेतृत्व और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्णय को स्वीकार करने के बाद आया है. शिंदे ने हाल ही में कहा था कि वह प्रधानमंत्री मोदी और भाजपा नेतृत्व के निर्णय का पालन करेंगे. हालांकि, यह स्पष्ट नहीं था कि भाजपा और उनके सहयोगी दल इस पद के लिए किसे चुनेंगे.

भाजपा की रणनीति पर सवाल
शिवसेना यूबीटी के नेता दानवे ने यह भी बताया कि भाजपा की रणनीति हमेशा "यूज एंड थ्रो" की रही है, जिसमें वे नेताओं का इस्तेमाल अपने फायदे के लिए करती हैं, और जब उन्हें किसी और की जरूरत होती है, तो उस नेता को छोड़ देती है. उनका यह बयान भाजपा की राजनीति पर सवाल उठाने वाला है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि भाजपा अक्सर सत्ता में अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए नेताओं का सहारा लेती है, और जब उनका काम पूरा हो जाता है तो उन्हें हाशिए पर धकेल देती है.