नई दिल्ली: बिहार में नीतीश कुमार के नेतृत्व में नई सरकार ने शपथ ली है, लेकिन एनडीए का दबदबा राज्य में लंबे समय से बरकरार रहा है. 2005 के बाद से लगभग 17 साल तक बिहार में एनडीए की सरकार रही, और अब भी महागठबंधन के दो कार्यकालों को छोड़ दें तो एनडीए ने राज्य में स्थिरता दिखाई है. देश में ऐसे कई राज्य हैं, जहां बीजेपी और उसके सहयोगी लंबे समय से सत्ता में बने हुए हैं. गुजरात में तो 1995 से लगातार भाजपा सरकार रही है.
पीएम बनने से पहले नरेंद्र मोदी ने 2001–2014 तक गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में राज्य को नेतृत्व दिया. इससे स्पष्ट होता है कि भाजपा का दबदबा कई राज्यों में दशकों तक कायम है.
गुजरात में 1995 से भाजपा लगातार सत्ता में है. केशुभाई पटेल से लेकर नरेंद्र मोदी, आनंदीबेन पटेल, विजय रूपाणी और अब भूपेंद्र पटेल तक मुख्यमंत्री रहे. 2022 के चुनाव में बीजेपी ने 156 सीटें जीतकर रिकॉर्ड बनाया.
मध्य प्रदेश में 15 महीने कांग्रेस शासन को छोड़कर लगभग 20 साल से भाजपा सत्ता में है. इसमें शिवराज सिंह चौहान और मोहन यादव के कार्यकाल शामिल हैं. राज्य में लंबे समय से भाजपा का दबदबा रहा है.
हरियाणा में 2014 से लगातार तीन बार भाजपा ने चुनाव जीतकर सरकार बनाई. पहले मनोहर लाल खट्टर और फिर नायब सिंह सैनी मुख्यमंत्री रहे. यह राज्य भाजपा के लिए लगातार जीत का प्रतीक बन चुका है.
2017 के विधानसभा चुनाव में सपा को हराकर भाजपा ने प्रचंड बहुमत से योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में सरकार बनाई. तब से यूपी में बीजेपी का शासन कायम है.
दिल्ली, महाराष्ट्र, ओडिशा, छत्तीसगढ़, राजस्थान सहित कई अन्य राज्य और केंद्रशासित प्रदेशों में भी भाजपा या एनडीए की सरकार है.
वहीं जम्मू-कश्मीर, कर्नाटक, तमिलनाडु, केरल, पंजाब, तेलंगाना, हिमाचल प्रदेश, झारखंड और पश्चिम बंगाल विपक्ष शासित हैं. इन राज्यों में कांग्रेस, टीएमसी, डीएमके और अन्य क्षेत्रीय दल सत्ता में हैं, और इनकी सरकारों ने भाजपा और एनडीए की नीतियों के मुकाबले अलग दिशा में राज्य संचालन किया है.