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India Daily

'थैंक्यू, वंदे मातरम, जय हिंद जैसे नारों से करें पहरेज', संसद सत्र के पहले राज्यसभा सांसदों को जारी हुए दिशा-निर्देश

संसद सत्र के शुरू होने के पहले राज्यसभा सांसदों के लिए जरूरी दिशा-निर्देश जारी किये गये है. राज्यसभा सचिवालय की ओर से जारी किये गए दिशा-निर्देश के मुताबिक अब राज्यसभा सांसदों को सदन के अंदर जय हिंद, वंदे मातरम, थैंक्यू, थैंक्स जैसे नारों से परहेज करना होगा.

Avinash Kumar Singh
'थैंक्यू, वंदे मातरम, जय हिंद जैसे नारों से करें पहरेज', संसद सत्र के पहले राज्यसभा सांसदों को जारी हुए दिशा-निर्देश

हाइलाइट्स

  • संसद सत्र के पहले राज्यसभा सांसदों को जारी हुए दिशा-निर्देश
  • 'थैंक्यू, वंदे मातरम, जय हिंद जैसे नारों से करें पहरेज'

नई दिल्ली:  संसद का शीतकालीन सत्र 4 द‍िसंबर से शुरू हो रहा है. संसद सत्र के शुरू होने के पहले राज्यसभा सांसदों के लिए जरूरी दिशा-निर्देश जारी किये गये है. राज्यसभा सचिवालय की ओर से जारी किये गए दिशा-निर्देश के मुताबिक अब राज्यसभा सांसदों को सदन के अंदर जय हिंद, वंदे मातरम, थैंक्यू, थैंक्स जैसे नारों से परहेज करना होगा. इसके साथ ही साथ राज्यसभा सांसदों को यह भी आदेश जारी किया गया है कि राज्यसभा में उठाए जाने वाले विषयों की पब्लिसिटी नहीं होनी चाहिए. जब तक राज्यसभा सभापति नोटिस स्वीकृत न कर लें तब तक नोटिस सार्वजनिक नहीं होने चाहिए. इसकी जानकारी दूसरे सांसदों से साझा नहीं करने की हिदायत दी गयी है. 

'नारेबाजी करने और तख्तियां लहराने से भी बचने की सलाह' 

राज्यसभा सांसदों को जारी निर्देश में इस बात का भी उल्लेख है कि जो व्यवस्था दी गई है, उसका सदन के अंदर या बाहर आलोचना करने से बचना होगा और सदन की मर्यादा का भी ख्यास रखना होगा. सदन की कार्यवाही के दौरान नारेबाजी करने और तख्तियां लहराने से भी बचने की विशेष तौर पर सलाह दी गई है. जारी निर्देश में इस बात का भी उल्लेख है कि सदन में एक साथ दो सदस्य खड़े नहीं हो सकते. संसद सदस्य राज्यसभा सभापति के पास सीधे न जाकर वे अटेंडेंड के हाथों पर्ची भेज सकते हैं. जब सभापति बोल रहे हों तब कोई भी सदस्य सदन न छोड़े, सभापति के बोलते समय सदन में शांति होनी चाहिए. 

'नए संसद सदस्य का पहला मेडन स्पीच 15 मिनट से अधिक का नहीं' 

अगर बिना इजाजत के कोई संसद सांसद साठ दिनों तक गैरहाजिर रहता है तो उसकी सीट खाली घोषित की जा सकती है. ऐसे में सदन में संसद सदस्यों की मौजूदगी दर्ज होनी जरूरी है. इसके साथ ही नए संसद सदस्य का पहला भाषण 15 मिनट से अधिक का न हो और विषय से हट कर न बोलने की बात कही गयी है.  

'संसद सदस्यों को तीन हफ्ते पहले विदेश यात्रा की देनी होगी जानकारी' 

सदस्यों को लिखित भाषण नहीं पढ़ने और संसद परिसर में धूम्रपान पर पाबंदी लगाने का भी आदेश दिया गया है. इसके साथ ही साथ किसी भी संसद सदस्य को सदन की कार्यवाही की वीडियोग्राफी करना मना है. जारी अधिसूचना में कहा गया है कि सांसदों से अनुरोध है कि वे अपनी विदेश यात्रा की जानकारी और उद्देश्य बताते हुए कम से कम 3 सप्ताह पहले राज्यसभा महासचिव को भेजें ताकि विदेश मंत्रालय और संबंधित भारतीय मिशन/पोस्ट को इसके बारे में सूचित किया जा सके. संसद सदस्यों से यह भी अनुरोध किया जाता है कि वे अपने यात्रा कार्यक्रम को अंतिम रूप देते ही सम्मेलन एवं प्रोटोकॉल अनुभाग के प्रभारी संयुक्त सचिव को ई-मेल करें.