नई दिल्ली: आज सोमवार को बैंक से जुड़े जरूरी काम निपटाने की योजना बना रहे लोगों के लिए स्थिति साफ नहीं है. यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस ने 27 जनवरी 2026 को अखिल भारतीय हड़ताल का आह्वान किया है. इस मंच से जुड़े नौ बड़े बैंक यूनियन सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और कुछ पुराने निजी बैंकों का प्रतिनिधित्व करते हैं. इसका सीधा असर देशभर की बैंक शाखाओं पर पड़ सकता है.
भारतीय रिजर्व बैंक के अवकाश कैलेंडर के अनुसार आज बैंक बंद नहीं हैं. यानी तकनीकी रूप से शाखाएं खुली रहेंगी. लेकिन चूंकि कर्मचारी हड़ताल पर हैं, इसलिए नकद लेनदेन, चेक क्लीयरेंस और काउंटर सेवाएं बाधित हो सकती हैं. इसी वजह से ग्राहकों को असुविधा का सामना करना पड़ सकता है.
यूएफबीयू की मुख्य मांग बैंकों में पांच दिवसीय कार्य सप्ताह लागू करने की है. यूनियन का कहना है कि 2015 में इंडियन बैंकर्स एसोसिएशन ने दूसरे और चौथे शनिवार को छुट्टी देने पर सहमति जताई थी. इसके बाद भी सभी शनिवारों को अवकाश नहीं मिल पाया. इससे कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ती गई.
फरवरी 2023 में यूएफबीयू ने सोमवार से शुक्रवार तक कार्य सप्ताह के बदले प्रतिदिन 40 मिनट कार्य समय बढ़ाने पर सहमति दी थी. इसके बदले शेष शनिवारों को छुट्टी देने का प्रस्ताव रखा गया था. यूनियन का दावा है कि यह प्रस्ताव सरकार को भेजा जा चुका है. लेकिन दो साल से अधिक समय बीतने के बाद भी इस पर कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ.
एसबीआई और बैंक ऑफ बड़ौदा जैसे बैंकों ने पहले ही चेतावनी दी थी कि हड़ताल के कारण सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं. यूनियन बैंक ऑफ इंडिया ने ग्राहकों से मोबाइल बैंकिंग, इंटरनेट बैंकिंग, एटीएम और यूपीआई जैसे डिजिटल चैनलों का उपयोग करने की अपील की है. इससे दैनिक बैंकिंग जरूरतें काफी हद तक पूरी की जा सकती हैं.
हालांकि बैंक पूरी तरह बंद नहीं हैं, लेकिन कई शाखाओं में स्टाफ की कमी रह सकती है. इसका असर काउंटर सेवाओं पर पड़ेगा. कैश जमा या निकासी जैसे काम में देरी संभव है. ऐसे में बिना अत्यंत जरूरी काम के शाखा जाने से बचने की सलाह दी जा रही है.
आज के दिन डिजिटल बैंकिंग सबसे सुरक्षित और आसान विकल्प माना जा रहा है. यूपीआई, एटीएम और ऑनलाइन ट्रांजेक्शन सामान्य रूप से चलते रहेंगे. यदि शाखा जाना जरूरी हो, तो पहले संबंधित बैंक से जानकारी लेना समझदारी होगी. हड़ताल का असर पूरे दिन बना रह सकता है.