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India Daily

बी. सुदर्शन रेड्डी ने उपराष्ट्रपति पद के लिए किया नामांकन, सोनिया गंधी समेत विपक्ष के कई नेता साथ

उपराष्ट्रपति पद के चुनाव के लिए विपक्ष के उम्मीदवार पूर्व न्यायाधीश बी. सुदर्शन रेड्डी ने अपना नामांकन पत्र दाखिल कर दिया है. इंडिया ब्लॉक के 80 नेताओं ने रेड्डी के नामांकन पत्र पर प्रस्तावक के रूप में अपने हस्ताक्षर किए.

Gyanendra Sharma
बी. सुदर्शन रेड्डी ने उपराष्ट्रपति पद के लिए किया नामांकन, सोनिया गंधी समेत विपक्ष के कई नेता साथ
Courtesy: Social Media

vice president elelction: भारत के उपराष्ट्रपति पद के लिए 9 सितंबर 2025 को होने वाले चुनाव की तैयारियां जोरों पर हैं. उपराष्ट्रपति पद के चुनाव के लिए विपक्ष की तरफ से पूर्व न्यायाधीश बी. सुदर्शन रेड्डी ने अपना नामांकन पत्र दाखिल कर दिया है. इस मौके पर विपक्ष के कई नेता मौजूद रहे. 

सोनिया गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष-राज्यसभा नेता मल्लिकार्जुन खड़गे, सपा नेता रामगोपाल यादव, एनसपी (SP) प्रमुख शरद पवार भी साथ दिखे. सुदर्शन रेड्डी चार सेट में नामांकन दाखिल किया. सेट में 20 प्रस्तावक और 20 समर्थक शामिल रहे.

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने रेड्डी को एक प्रगतिशील और संविधान के प्रति समर्पित न्यायविद बताया. इंडिया ब्लॉक ने रेड्डी के नाम पर सर्वसम्मति से मुहर लगाई, जिसमें कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, डीएमके, तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी), आम आदमी पार्टी और अन्य सहयोगी दलों ने एकजुटता दिखाई. रेड्डी के नामांकन पत्र पर 80 विपक्षी नेताओं ने हस्ताक्षर किए, जिनमें सोनिया गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे, डीएमके सांसद तिरुचि शिवा और समाजवादी पार्टी के सांसद रामगोपाल यादव जैसे दिग्गज शामिल थे.

सीपी राधाकृष्णन एनडीए का मजबूत दावेदार

दूसरी ओर, एनडीए ने तमिलनाडु के वरिष्ठ भाजपा नेता और महाराष्ट्र के वर्तमान राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन को अपना उम्मीदवार बनाया है. राधाकृष्णन का राजनीतिक और प्रशासनिक अनुभव उन्हें सत्ताधारी गठबंधन का भरोसेमंद चेहरा बनाता है. एनडीए ने राधाकृष्णन की उम्मीदवारी को दक्षिण भारत, खासकर तमिलनाडु और ओबीसी समुदाय के प्रतिनिधित्व के रूप में प्रचारित किया है.

उनके नामांकन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा जैसे दिग्गज नेता मौजूद रहे. राधाकृष्णन ने चार सेटों में नामांकन दाखिल किया, जिसमें 20 प्रस्तावक और 20 अनुमोदक शामिल थे. पीएम मोदी उनके मुख्य प्रस्तावक थे.