menu-icon
India Daily

'रामलला की मूर्ति तैयार होने तक परिवार से बात नहीं की, फोन तक नहीं छुआ', जानें किसने की अरुण योगीराज की तारीफ?

कर्नाटक के मैसूर जिले के रहने वाले मूर्तिकार अरुण योगीराज की कई पीढ़ियां इस पेशे से जुड़ी हैं. जानकारी के मुताबिक, उनका परिवार 250 साल यानी पिछली पांच पीढ़ियों से ये काम कर रहा है.

Om Pratap
Edited By: Om Pratap
'रामलला की मूर्ति तैयार होने तक परिवार से बात नहीं की, फोन तक नहीं छुआ', जानें किसने की अरुण योगीराज की तारीफ?

हाइलाइट्स

  • अरुण योगीराज ने MBA कर कुछ समय तक जॉब भी की
  • 250 सालों से मूर्ति बनाने के पेशे से जुड़ा है योगीराज का परिवार

Ayodhya ke ram Champat Rai praises Arun Yogiraj Ram Lalla statue: अयोध्या के भव्य राम मंदिर के गर्भगृह में स्थापित होने वाली भगवान रामलला की मूर्ति को बनाने वाले अरुण योगीराज की चंपत राय ने तारीफ की है. चंपत राय ने कहा है कि मूर्ति तैयार होने तक योगीराज ने परिवार से बात तक नहीं की थी, फोन तक नहीं छुआ था.

श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने सोमवार को अरुण योगीराज के काम के बारे में जानकारी शेयर की. इस दौरान चंपत राय ने अरुण योगीराज के एकाग्रता और समर्पण भावना की जमकर तारीफ की. उन्होंने बताया कि मूर्ति बनाते समय किसी तरह की कोई बाधा न हो, इसके लिए योगीराज ने महीनों तक अपने परिवार वालों से बात तक नहीं की. उन्होंने बच्चों का चेहरा तक नहीं देखा.

बोले- महीनों तक योगीराज ने फोन नहीं छुआ

चंपत राय ने कहा कि प्रतिमा के निर्माण कार्य के दौरान अरुण योगीराज ने जिस तरह अपना जीवन व्यतीत किया, उसकी आप कल्पना भी नहीं कर सकते. काम के दौरान उन्होंने महीनों तक फोन तक नहीं छुआ. यहां तक ​​कि वह अपने बच्चों और परिवार से भी बात नहीं करते थे.

चंपत राय ने बताया कि अरुण योगीराज कई पीढ़ियों से मूर्ति निर्माण के काम से जुड़े हुए हैं. उनके पूर्वज भी यही काम करते आये हैं. जानकारी के मुताबिक, अरुण योगीराज ने ही केदारनाथ में शंकराचार्य की मूर्ति बनाई है. उन्होंने दिल्ली में इंडिया गेट के पास सुभाष चंद्र बोस की मूर्ति भी बनाई है. श्री रामलला की मूर्ति के चयन की प्रक्रिया के दौरान उनकी मूर्ति का चयन किया गया था.