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India Daily

ऑपरेशन सिंदूर पर सवाल उठाने वाले अशोका यूनिवर्सिटी के मुस्लिम प्रोफेसर गिरफ्तार, कर्नल सोफिया को लेकर उठाए थे सवाल

हरियाणा राज्य महिला आयोग का मानना था कि अशोका यूनिवर्सिटी के एसोसिएट प्रोफेसर अली खान महमूदाबाद ने ऑपरेशन सिंदूर पर टिप्पणी करके भारतीय सेना की महिला अधिकारियों का अपमान किया है. हरियाणा पुलिस ने रविवार को उनकी गिरफ्तारी की जानकारी दी.

hemraj
ऑपरेशन सिंदूर पर सवाल उठाने वाले अशोका यूनिवर्सिटी के मुस्लिम प्रोफेसर गिरफ्तार, कर्नल सोफिया को लेकर उठाए थे सवाल
Courtesy: Social media

अशोका यूनिवर्सिटी के एसोसिएट प्रोफेसर अली खान महमूदाबाद को ऑपरेशन सिंदूर पर की गई टिप्पणी के लिए गिरफ्तार कर लिया गया है. हरियाणा राज्य महिला आयोग का मानना था कि प्रोफेसर ने ऑपरेशन सिंदूर पर टिप्पणी करके भारतीय सेना की महिला अधिकारियों का अपमान किया है. हरियाणा पुलिस ने रविवार को उनकी गिरफ्तारी की जानकारी दी. है.

उनकी गिरफ्तारी हरियाणा में बीजेपी युवा मोर्चा के महासचिव योगेश जठेरी द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर की गई है. बता दें कि प्रोफेसर अली खान महमूदाबाद की गिरफ्तारी हरियाणा राज्य महिला आयोग द्वारा उनकी टिप्पणियों पर स्वत: संज्ञान लेने के कुछ दिनों बाद हुई है. प्रोफेसर ने ऑपरेशन सिंदूर की प्रेस ब्रीफिंग में सेना की कर्नल सोफिया और विंग कमांडर व्योमिका सिंह के शामिल होने पर सोशल मीडिया पर कुछ पोस्ट किए थे.

आयोग का मानना था कि उनकी टिप्पणियों ने भारतीय सशस्त्र बलों में महिला अधिकारियों की प्रतिष्ठा को कमतर आंका और इन टिप्पणियों ने सांप्रदायिक विवाद को बढ़ावा दिया. 8 मई को विदेश मंत्रालय की प्रेस ब्रीफिंग को लेकर प्रोफेसर ने फेसबुक पर पोस्ट किया था कर्नल कुरैशी और विंग कमांडर व्योमिका सिंह द्वारा की गयी प्रेस ब्रीफिंग को दिखावा और पाखंड बताया था.

 

 

आयोग के द्वारा नोटिस मिलने पर उन्होंने जवाब दिया कि मेरी टिप्पणियों को गलत तरीके से लिया गया है. जिस चीज पर आपत्ति जताई गई है. उसे मेरे फेसबुक पेज पर देखा जा सकता है. हरियाणा पुलिस के सहायक आयुक्त (एसीपी) अजीत सिंह ने ने न्यूज एजेंसी पीटीआई से उनकी गिरफ्तारी की पुष्टि  हैं. उन्होंने बताया कि  प्रोफेसर को ऑपरेशन सिंदूर से संबंधित उनकी टिप्पणी के लिए गिरफ्तार किया गया है.

यूनिवर्सिटी ने इस पूरे मामले से खुद को अलग कर लिया है. उसका कहना है प्रोफेसर अली खान महमूदाबाद को जो कुछ भी कहा वो यूनिवर्सिटी के मत का प्रतिनिधित्व नहीं करती हैं.