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एस्ट्रोनॉट शुभांशु शुक्ला के साहस को अशोक चक्र से सम्मानित करने की तैयारी! अंतरिक्ष में लहराया था भारत का परचम

अंतरिक्ष यात्री ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को Axiom-4 मिशन के दौरान अद्भुत साहस और संयम के लिए अशोक चक्र देने की सिफारिश की गई है. वे अंतरिक्ष में जाने वाले भारत के दूसरे नागरिक हैं.

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Kanhaiya Kumar Jha

नई दिल्ली: भारत के अंतरिक्ष इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है. इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन तक सफल यात्रा करने वाले ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को देश के सर्वोच्च शांतिकालीन वीरता सम्मान अशोक चक्र के लिए अनुशंसित किया गया है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार Axiom-4 मिशन के दौरान कठिन परिस्थितियों में उनके साहस, धैर्य और नेतृत्व क्षमता को देखते हुए यह सिफारिश की गई है. यह सम्मान भारत की अंतरिक्ष उड़ान यात्रा को नई पहचान देता है.

ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला भारत के दूसरे अंतरिक्ष यात्री बने, जिन्होंने पृथ्वी से बाहर की यात्रा की. उनसे पहले 1984 में राकेश शर्मा ने अंतरिक्ष में कदम रखा था. करीब 41 वर्षों बाद किसी भारतीय का अंतरिक्ष में जाना देश के लिए गर्व का क्षण माना जा रहा है. शुक्ला की यह उड़ान भारत की वैश्विक अंतरिक्ष भागीदारी को मजबूत करती है.

Axiom-4 मिशन की भूमिका

शुभांशु शुक्ला ने NASA और Axiom Space के संयुक्त Axiom-4 मिशन के तहत अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन की यात्रा की. यह मिशन 25 जून 2025 को अमेरिका के फ्लोरिडा स्थित केनेडी स्पेस सेंटर से लॉन्च हुआ था. करीब 20 दिनों तक ISS पर रहने के बाद वे 15 जुलाई को कैलिफोर्निया के तट के पास सुरक्षित रूप से पृथ्वी पर लौटे.

वैज्ञानिक प्रयोगों में अहम योगदान

ISS पर अपने प्रवास के दौरान शुभांशु शुक्ला ने 60 से अधिक वैज्ञानिक प्रयोग पूरे किए. इनमें बायोमेडिकल रिसर्च, न्यूरोसाइंस, कृषि विज्ञान, अंतरिक्ष तकनीक और एडवांस्ड मटीरियल साइंस जैसे क्षेत्र शामिल रहे. विशेषज्ञों का कहना है कि इन प्रयोगों से भविष्य की अंतरिक्ष उड़ानों और धरती पर उपयोगी शोध को नई दिशा मिलेगी.

अशोक चक्र की सिफारिश क्यों?

अशोक चक्र आमतौर पर युद्ध क्षेत्र से बाहर असाधारण साहस और आत्मबलिदान के लिए दिया जाता है. शुक्ला को यह सम्मान Axiom-4 मिशन के दौरान अत्यंत चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में शांत दिमाग और अनुशासित निर्णय लेने के लिए प्रस्तावित किया गया है. रक्षा और अंतरिक्ष समुदाय ने इसे एक दुर्लभ लेकिन योग्य सिफारिश बताया है.

उत्तर प्रदेश गौरव सम्मान भी मिला

इससे पहले शुभांशु शुक्ला को उत्तर प्रदेश दिवस के अवसर पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उत्तर प्रदेश गौरव सम्मान से सम्मानित किया था. इस समारोह में शिक्षा क्षेत्र से अलख पांडे, समाजसेवी लक्ष्मी आर्या और कृषि वैज्ञानिक सुधांशु सिंह को भी सम्मान मिला. राज्य सरकार ने कहा कि इन लोगों ने अपने कार्य से प्रदेश और देश का नाम रोशन किया है.