E20 पेट्रोल पर सियासी संग्राम तेज! आज से केजरीवाल का देशव्यापी अभियान, तहसीन पूनावाला का अनशन भी शुरू
E20 पेट्रोल नीति के विरोध में शनिवार से सियासी और जन आंदोलन तेज होगा. अरविंद केजरीवाल राष्ट्रीय अभियान शुरू करेंगे, जबकि तहसीन पूनावाला मौन मार्च और अनशन करेंगे.
20 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल (E20) को लेकर विरोध का स्वर अब राष्ट्रीय स्तर पर तेज होता दिखाई दे रहा है. शनिवार को आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल इस मुद्दे पर देशव्यापी अभियान की शुरुआत करेंगे. वहीं सामाजिक कार्यकर्ता तहसीन पूनावाला भी आंदोलन को आगे बढ़ाते हुए गांधी स्मृति तक मौन मार्च निकालेंगे और अनशन पर बैठेंगे. दोनों कार्यक्रमों के बाद E20 नीति पर राजनीतिक बहस और तेज होने की संभावना है.
केजरीवाल ने राष्ट्रीय टाउन हॉल का किया ऐलान
अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर जानकारी देते हुए कहा कि शनिवार को आयोजित 'नेशनल टाउन हॉल अगेंस्ट E20' में देश की एक प्रमुख हस्ती भी शामिल होगी. उन्होंने लोगों से इस मुद्दे पर अपनी राय साझा करने की अपील की और ऑनलाइन भागीदारी के लिए एक व्हाट्सएप नंबर भी जारी किया. यह कार्यक्रम नई दिल्ली स्थित संविधान क्लब में दोपहर 12 बजे आयोजित होगा, जिसमें हजारों लोगों के शामिल होने की उम्मीद जताई गई है.
वाहनों को नुकसान का आरोप, सरकार का अलग दावा
केजरीवाल ने आरोप लगाया है कि E20 पेट्रोल के कारण लोगों के वाहनों की माइलेज कम हो रही है और इंजन पर असर पड़ रहा है. उन्होंने केंद्र सरकार से इस नीति की समीक्षा करने की मांग करते हुए कहा कि लोगों की शिकायतों का जल्द समाधान किया जाना चाहिए. दूसरी ओर केंद्र सरकार लगातार कहती रही है कि E20 ईंधन से वाहनों को कोई नुकसान नहीं होता, हालांकि माइलेज में कुछ कमी आ सकती है.
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तहसीन पूनावाला का मौन मार्च और अनशन
E20 नीति के खिलाफ शुरुआती विरोध प्रदर्शनों का नेतृत्व करने वाले तहसीन पूनावाला ने घोषणा की है कि वह गांधी स्मृति तक अकेले पैदल मार्च करेंगे और वहां मौन विरोध के साथ अनिश्चितकालीन अनशन शुरू करेंगे. इससे पहले उनकी संस्था 'टीम भारत' ने संसद मार्ग पर प्रस्तावित मार्च स्थगित कर दिया था. यह फैसला पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी के साथ हुई बैठक के बाद लिया गया, जिसमें सरकार ने मांगों पर विचार के लिए अतिरिक्त समय मांगा था.
E20 नीति पर बढ़ रही बहस
केंद्र सरकार की एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल योजना का उद्देश्य जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता कम करना, प्रदूषण घटाना और एथेनॉल उत्पादन को बढ़ावा देना है. हालांकि कुछ वाहन मालिकों, टैक्सी संगठनों और विभिन्न समूहों का दावा है कि E20 ईंधन से ईंधन दक्षता घट रही है और रखरखाव का खर्च बढ़ रहा है. इन दावों को लेकर देशभर में बहस जारी है.
राजनीतिक मुद्दा बनने की ओर E20
हाल के दिनों में E20 नीति विपक्ष और विभिन्न सामाजिक संगठनों के लिए एक प्रमुख मुद्दा बनकर उभरी है. केजरीवाल के राष्ट्रीय अभियान और पूनावाला के अनशन के बाद इस विषय पर राजनीतिक गतिविधियां और तेज होने की संभावना है. अब निगाहें इस बात पर होंगी कि केंद्र सरकार इस विरोध और उठ रही मांगों पर आगे क्या रुख अपनाती है.