राज्यसभा में जितेंद्र सिंह ने पेश किया पेपर लीक बिल, छात्रों के भविष्य की रक्षा के लिए सरकार का बड़ा कदम
30 जुलाई को केंद्रीय राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने राज्यसभा में पब्लिक एग्जामिनेशन (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) अमेंडमेंट बिल, 2026 पेश किया. यह बिल पहले ही लोकसभा में 10 घंटे की लंबी बहस के बाद पास हो चुका है.
नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने पेपर लीक की घटनाओं को रोकने के लिए सख्त कानून लाने का बड़ा कदम उठाया है. 30 जुलाई को केंद्रीय राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने राज्यसभा में पब्लिक एग्जामिनेशन (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) अमेंडमेंट बिल, 2026 पेश किया. यह बिल पहले ही लोकसभा में 10 घंटे की लंबी बहस के बाद पास हो चुका है.
जितेंद्र सिंह ने कहा कि यह बिल छात्रों और युवाओं के हितों की रक्षा के लिए सरकार की मजबूत प्रतिबद्धता है. उन्होंने राज्यसभा को बुजुर्गों, वरिष्ठों और समझदारों का सदन कहा और सदस्यों से बिल पर गंभीर चर्चा करने की अपील की.
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क्या है बिल की मुख्य बातें:
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पेपर लीक की जांच 2 महीने में पूरी करनी होगी.
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सामान्य पेपर लीक में 5 से 10 साल तक की जेल और 50 लाख तक जुर्माना.
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संगठित पेपर लीक (ऑर्गनाइज्ड क्राइम) में 7 साल से कम नहीं जेल और 10 करोड़ तक जुर्माना.
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राज्य सरकारें और केंद्र शासित प्रदेश स्पेशल फास्ट ट्रैक कोर्ट बना सकेंगे.
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चार्जशीट दाखिल होने के 3 महीने के अंदर ट्रायल पूरा करना अनिवार्य.
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केंद्र सरकार जरूरत पड़ने पर स्पेशल टास्क फोर्स बना सकती है.