बेहोश लोगों को CPR देते दिखे श्रद्धालु, वेंकटेश्वर मंदिर हादसे का दिल दहला देने वाला वीडियो आया सामने

आंध्र प्रदेश के वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर में उस वक्त बड़ा हादसा हो गया, जब भगदड़ में 10 लोगों की दुखद मौत हो गई और कई घायल हो गए. हादसे के जो वीडियो सामने आए हैं, वो विचलित करने वाले हैं. इन वीडियो में लोग दर्द से कराहते नजर आ रहे हैं. वही कुछ श्रद्धालु मदद भी करते नजर आए.

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Kanhaiya Kumar Jha

नई दिल्ली: आंध्र प्रदेश के वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर में शनिवार को हुई भगदड़ में 10 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई लोग घायल बताए जा रहे हैं. वही भगदड़ के बाद बेहोश हुए लोगों को सीपीआर देने के लिए श्रद्धालु दौड़ते देखे गए. कई घायलों का गंभीर हालत में उपचार जारी जारी और अभी मौत की संख्या में इजाफा होने की आशंका जताई जा रही है.

आंध्र प्रदेश के कासीबुग्गा स्थित मंदिर में मची भगदड़ से जुड़े कुछ वीडियो सामने आए हैं, जिसमें लोग भीड़ में बेहोश हुए लोगों की मदद के लिए दौड़ते हुए दिखाई दे रहे हैं. कुछ वीडियो में लोग एक-दूसरे को भीड़ से निकालकर उनकी मदद करते भी दिखाई दे रहे हैं.

पीएम मोदी ने हादसे पर जताया दुख

इस बीच, प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) के एक बयान के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घटना पर शोक व्यक्त किया और कहा कि उन्हें भगदड़ से दुख हुआ है और उन्होंने उन लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त की है जिन्होंने अपने प्रियजनों को खो दिया है. उन्होंने कहा कि मैं घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं. उन्होंने घोषणा की कि प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से प्रत्येक मृतक के परिजनों को 2-2 लाख रुपये और घायलों को 50,000 रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी.

मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने भी व्यक्त की शोक संवेदना

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने घटना पर दुख व्यक्त किया और श्रद्धालुओं की मृत्यु पर शोक व्यक्त किया. उन्होंने सोशल मीडिया X पर लिखा कि श्रीकाकुलम जिले के काशीबुग्गा स्थित वेंकटेश्वर मंदिर में हुई भगदड़ की घटना ने सबको झकझोर कर रख दिया है. इस दुखद घटना में श्रद्धालुओं की मृत्यु अत्यंत हृदयविदारक है. मैं मृतकों के परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं.

शुरू हुई राजनीतिक बयानबाजी

इस दुखद भगदड़ से राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी शुरू हो गया है. आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने ऐसी परिस्थितियों के लिए नायडू सरकार को ज़िम्मेदार ठहराया है. उन्होंने याद दिलाया कि अतीत में भी ऐसी ही घटनाएं हुई थीं, जिनमें तिरुपति में वैकुंठ एकादशी के दौरान छह श्रद्धालुओं की और सिंहचलम मंदिर में सात और श्रद्धालुओं की मौत शामिल है.

उन्होंने कहा कि बार-बार होने वाली त्रासदियों के बावजूद, राज्य सरकार पर्याप्त सावधानी बरतने में विफल रही है. रेड्डी ने कहा कि निर्दोष लोगों की बार-बार होने वाली यह मौत चंद्रबाबू नायडू के प्रशासन की अक्षमता को दर्शाती है. उन्होंने सरकार से भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए गंभीर सुधारात्मक कदम उठाने का आग्रह किया.