menu-icon
India Daily

Epstein विवाद के बीच बिल गेट्स का बड़ा फैसला, India AI Summit में नहीं देंगे स्पीच

इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट का आज चौथा दिन है. आज बिल गेट्स को मेन स्पीच देनी थी, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा. बता दें कि गेट्स फाउंडेशन ने एक पोस्ट के जरिए बताया है कि बिल गेट्स की जगह, अंकुर वोरा नाम के एक सीनियर लीडर आज बाद में बोलेंगे.

Shilpa Shrivastava
Epstein विवाद के बीच बिल गेट्स का बड़ा फैसला, India AI Summit में नहीं देंगे स्पीच
Courtesy: Pinterest

नई दिल्ली: इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट का आज चौथा दिन है. आज बिल गेट्स को मेन स्पीच देनी थी, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा. बता दें कि गेट्स फाउंडेशन ने एक पोस्ट के जरिए बताया है कि बिल गेट्स की जगह, अंकुर वोरा नाम के एक सीनियर लीडर आज बाद में बोलेंगे. माना जा रहा है कि इस बदलाव का मुख्य कारण जेफरी एपस्टीन से जुड़ी कुछ पुरानी फाइलों में बिल गेट्स का नाम आना है। 

गेट्स फाउंडेशन इंडिया ने एक्स पर एक पोस्ट करते हुए कहा, "ध्यान से सोचने के बाद, और यह पक्का करने के लिए कि AI समिट की मुख्य प्राथमिकताओं पर फोकस बना रहे, मिस्टर गेट्स अपना मुख्य भाषण नहीं देंगे। बिल गेट्स की जगह, अंकुर वोरा नाम के एक सीनियर लीडर आज बाद में बोलेंगे. वे अफ्रीका और इंडिया में गेट्स फाउंडेशन के ऑफिस के प्रेसिडेंट हैं. गेट्स फाउंडेशन भारत में हमारे साझा स्वास्थ्य और विकास लक्ष्यों को आगे बढ़ाने के हमारे काम के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। यहां देखें पोस्ट-

कब शुरू हुआ बिल गेट्स के नाम का विवाद:

बता दें कि यह विवाद तब से शुरू हुआ था, जब से बिल गेट्स का नाम पिछले महीने US जस्टिस डिपार्टमेंट द्वारा जारी किए गए डॉक्यूमेंट्स के एक सेट में आया था. ये फाइलें जेफरी एपस्टीन से जुड़ी हैं. जेफरी वो व्यक्ति है, जिसे गंभीर सेक्स क्राइम का दोषी ठहराया गया था. 2019 में जेल में उसकी मौत हो गई थी. फाइलों में एक ईमेल ड्राफ्ट था, जिसमें दावा किया गया था कि एपस्टीन ने महिलाओं के साथ रिश्तों समेत प्राइवेट मामलों में गेट्स की मदद की थी. हालांकि, ये दावे कभी भी साबित नहीं हुए और इस तरह के ईमेल भी नहीं भेजे गए. 

बिल गेट्स को एपस्टीन के साथ बिताए हर मिनट का अफसोस:

इस विवाद को लेकर पहले भी बिल गेट्स काफी बात कर चुके हैं. उन्होंने पहले भी कहा कि एपस्टीन के साथ बिताए हर मिनट का अफसोस उन्हें है. वह 2011 में एपस्टीन से मिले थे और तीन साल में उनके साथ कुछ डिनर किए थे. गेट्स ने बताया कि वह एपस्टीन से सिर्फ इसलिए मिले क्योंकि उन्हें लगा कि एपस्टीन ग्लोबल हेल्थ के लिए पैसे जुटाने में मदद कर सकते हैं, लेकिन इस पर बात नहीं बनी. 

गेट्स ने यह क्लियर किया था कि वह एपस्टीन के साथ कभी भी उसके प्राइवेट आइलैंड पर नहीं गए और उनके कोई गलत रिश्ते नहीं रहे. नई फाइलें सामने आने के बाद, गेट्स के एक स्पोक्सपर्सन ने कहा कि डॉक्यूमेंट्स से सिर्फ यह पता चलता है कि एपस्टीन इस बात से परेशान थे कि वे गेट्स के साथ करीबी कनेक्शन नहीं रख पाए. स्पोक्सपर्सन ने आगे कहा कि एपस्टीन ने गेट्स का नाम खराब करने की बहुत कोशिश की.