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पहली बार किसने दिया ‘जय भीम, जय भारत’ का नारा? जानें इसके पीछे की असली कहानी

जय भीम नारे की शुरुआत 1935 में बाबू एल एन हरदास ने की थी. जय भीम जय भारत नारा बाद में विभिन्न मंचों से लोकप्रिय हुआ और आज यह समानता और देशभक्ति का प्रतीक है.

Km Jaya
Edited By: Km Jaya
पहली बार किसने दिया ‘जय भीम, जय भारत’ का नारा? जानें इसके पीछे की असली कहानी
Courtesy: Pinterest

नई दिल्ली: आज यानी 14 अप्रैल को देशभर में आंबेडकर जयंती मनाई जा रही है और इस दिन एक नारा सबसे ज्यादा सुनाई देता है, जय भीम जय भारत. यह नारा डॉ. भीमराव आंबेडकर के सम्मान और देशभक्ति दोनों को एक साथ दर्शाता है. समय के साथ यह सिर्फ एक अभिवादन नहीं रहा, बल्कि सामाजिक समानता, अधिकार और संविधान के सम्मान का प्रतीक बन गया है.

इस नारे के दो हिस्से हैं, जय भीम और जय भारत. भीम शब्द भीमराव अंबेडकर के नाम से लिया गया है और जय का अर्थ विजय होता है. इस तरह जय भीम का मतलब होता है अंबेडकर के विचारों और उनके रास्ते की जीत. वहीं जय भारत देश के प्रति सम्मान और जुड़ाव को दर्शाता है. दोनों मिलकर यह संदेश देते हैं कि अंबेडकर के सिद्धांत और राष्ट्र प्रेम एक साथ चल सकते हैं.

क्या है इसके पीछे का इतिहास?

इतिहास की बात करें तो ज्यादातर रिपोर्ट्स के अनुसार जय भीम नारे की शुरुआत बाबू एल. एन. हरदास यानी लक्ष्मण नगराले ने साल 1935 में की थी. उन्होंने इसे एक अभिवादन के रूप में इस्तेमाल किया, जो धीरे-धीरे अंबेडकरवादी आंदोलन के कार्यकर्ताओं के बीच फैल गया. समय के साथ यह नारा एक पहचान बन गया और समाज के बड़े वर्ग ने इसे अपनाया.

हालांकि कुछ दावे इससे भी पुराने समय से जुड़े मिलते हैं, जैसे 1818 की भीमा कोरेगांव की लड़ाई से, लेकिन इन दावों के पुख्ता प्रमाण नहीं मिलते. इसलिए सबसे विश्वसनीय जानकारी 1935 में बाबू हरदास द्वारा इसकी शुरुआत को ही माना जाता है.

कैसे हुआ यह लोकप्रिय?

जहां तक जय भीम जय भारत को एक साथ कहने की बात है, तो इसका कोई एक तय और प्रमाणित स्रोत नहीं मिलता. यह नारा समय के साथ विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक मंचों पर विकसित हुआ और लोकप्रिय हुआ. खासकर उत्तर भारत की राजनीति और जनसभाओं में यह तेजी से फैला.

बसपा प्रमुख मायावती जैसे नेता अपने भाषणों के अंत में अक्सर जय भीम जय भारत का उपयोग करते रहे हैं, जिससे यह नारा और ज्यादा प्रसिद्ध हुआ. हालांकि इसे किसी एक व्यक्ति से जोड़ना कठिन है, लेकिन यह साफ है कि इसे जनआंदोलनों और सामाजिक संघर्षों ने व्यापक पहचान दी.

यह नारा क्या देता है संदेश?

आज के समय में यह नारा तीन महत्वपूर्ण संदेश देता है. पहला सम्मान, जो अंबेडकर को समर्पित है. दूसरा संघर्ष, जो समानता और अधिकारों की बात करता है. तीसरा जुड़ाव, जो भारत के प्रति निष्ठा को दर्शाता है.

इस तरह जय भीम जय भारत केवल शब्द नहीं, बल्कि एक विचारधारा और सामाजिक चेतना का प्रतीक बन चुका है, जो आज भी लोगों को समानता और अधिकारों के लिए प्रेरित करता है.