आसमान में आखिरी मोड़ बना मौत की वजह? जानें अजित पवार के विमान हादसे पर 3 चौंकाने वाली थ्योरी
बारामती के पास हुए विमान हादसे में अजित पवार समेत पांच लोगों की मौत के बाद जांच तेज है. सीसीटीवी फुटेज के आधार पर एयरोडायनामिक स्टॉल, इंजन फेल्योर और रनवे देर से दिखने जैसी तीन प्रमुख थ्योरी सामने आई हैं.
महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार को ले जा रहे Learjet 45 विमान के बारामती के पास दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद पूरे देश में शोक और सवालों का माहौल है. हादसे में पांच लोगों की जान चली गई. अब ब्लैक बॉक्स की जांच के साथ-साथ आखिरी पलों की सीसीटीवी फुटेज ने हादसे के कारणों पर नई बहस छेड़ दी है. एविएशन विशेषज्ञों के अनुसार, इस दुर्घटना के पीछे तीन संभावित वजहें हो सकती हैं, जिनकी गहन जांच की जा रही है.
जांच के घेरे में हादसे के आखिरी पल
हादसे के बाद विमान का ब्लैक बॉक्स बरामद कर लिया गया है और एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो की टीम जांच में जुटी है. सामने आए सीसीटीवी फुटेज में विमान का बायां पंख अचानक नीचे गिरता दिखता है. रनवे के पास कम ऊंचाई पर यह असंतुलन विमान को संभलने का मौका नहीं दे सका. जांचकर्ता यह समझने की कोशिश कर रहे हैं कि यह तकनीकी गड़बड़ी थी या मानव चूक.
एयरोडायनामिक स्टॉल की आशंका
विशेषज्ञों के अनुसार, यह हादसा एयरोडायनामिक स्टॉल का नतीजा हो सकता है. जब विमान की गति या एंगल ऐसा हो जाए कि पंख लिफ्ट पैदा करना बंद कर दें, तो स्टॉल होता है. Learjet 45 में इंजन पीछे की ओर लगे होते हैं. ऐसे में असममित स्टॉल की स्थिति में एक पंख पहले लिफ्ट खो देता है, जिससे विमान अचानक पलट सकता है.
कम ऊंचाई पर तेज मोड़ का खतरा
एक अन्य थ्योरी के मुताबिक, रनवे के पास विमान ने बहुत तेज बैंकिंग की. कम ऊंचाई पर तेज मोड़ लेना बेहद जोखिम भरा होता है. जांच में यह भी देखा जाएगा कि क्या पायलट रनवे से सही एलाइनमेंट के लिए जरूरत से ज्यादा झुकाव ले बैठे थे. पहले प्रयास में गो-अराउंड करना भी इस ओर इशारा करता है कि लैंडिंग आसान नहीं थी.
इंजन फेल्योर की संभावना
कुछ विशेषज्ञ इंजन फेल्योर की संभावना भी जता रहे हैं. एक इंजन के अचानक बंद होने से विमान में यॉ और रोल पैदा हो सकता है. हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि इंजन फेल होने की स्थिति में आमतौर पर मेडे कॉल दी जाती है, जो यहां दर्ज नहीं हुई. फिर भी फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर से इस पहलू पर स्पष्टता आएगी.
रनवे देर से दिखने की थ्योरी
तीसरी थ्योरी बारामती एयरपोर्ट की सीमित सुविधाओं से जुड़ी है. यहां नेविगेशन एड्स नहीं हैं और पायलट को विजुअल अप्रोच पर निर्भर रहना पड़ता है. विशेषज्ञों का कहना है कि सन ग्लेयर या कम दृश्यता के कारण रनवे देर से दिखा और पायलट ने अंतिम क्षणों में बड़ा मोड़ लेने की कोशिश की, जो हादसे का कारण बन सकता है.
जांच पूरी होने के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि इन तीनों में से असली वजह कौन-सी थी, लेकिन फिलहाल ये थ्योरी इस त्रासदी को समझने की दिशा में अहम संकेत दे रही हैं.