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अजित दादा की मौत हादसा या साजिश? रोहित पवार का बड़ा दावा- 10 फरवरी को करेंगे बड़ा खुलासा

राकांपा (एसपी) नेता रोहित पवार ने अजित पवार की विमान दुर्घटना में हुई मृत्यु पर गहरा संदेह जताया है. उन्होंने 10 फरवरी को मुंबई में इस घटना के पीछे की सच्चाई उजागर करने के लिए एक विस्तृत प्रस्तुति देने का ऐलान किया है.

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Kanhaiya Kumar Jha

नई दिल्ली: महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर हलचल मच गई है जब रोहित पवार ने दिवंगत नेता अजित पवार की मौत की परिस्थितियों पर सवाल खड़े किए हैं. पुणे के बारामती हवाई अड्डे पर हुई उस दुखद विमान दुर्घटना ने पूरे प्रदेश को स्तब्ध कर दिया था जिसमें अजित पवार सहित पांच लोगों की जान चली गई थी. रोहित पवार का दावा है कि इस हादसे के पीछे कई अनुत्तरित प्रश्न और संदेह हैं जिन्हें वे सार्वजनिक करेंगे. यह बयान ऐसे समय आया है जब राज्य में स्थानीय निकाय चुनाव चल रहे हैं. 

रोहित पवार ने बारामती में मतदान के बाद मीडिया से बात करते हुए साफ कहा कि अजित पवार की मौत महज एक हादसा नहीं लगती. उनके अनुसार, आम जनता और कार्यकर्ताओं के मन में इस विमान दुर्घटना को लेकर कई गंभीर शंकाएं हैं. इन रहस्यों से पर्दा उठाने के लिए रोहित ने 10 फरवरी की तारीख चुनी है. मुंबई में होने वाली इस विशेष प्रस्तुति में वे तकनीकी पहलुओं और घटनाक्रम के उन हिस्सों पर चर्चा करेंगे जो अब तक गुप्त रहे हैं.

बारामती एयरपोर्ट पर हुआ था भीषण हादसा 

यह पूरी घटना 28 जनवरी की है जब अजित पवार का विमान बारामती हवाई अड्डे पर लैंडिंग के दौरान क्रैश हो गया था. इस हादसे में राकांपा प्रमुख अजित पवार और उनके साथ मौजूद चार अन्य सहयोगियों की मौके पर ही मृत्यु हो गई थी. प्रारंभिक जांच में इसे एक दुर्घटना बताया गया था, लेकिन रोहित पवार के नए दावों ने जांच एजेंसियों और सरकार की कार्यप्रणाली पर फिर से सवालिया निशान लगा दिए हैं. 10 फरवरी का दिन महाराष्ट्र की राजनीति के लिए निर्णायक हो सकता है.

पार्टी के विलय और एकजुटता की इच्छा 

अपने संबोधन में रोहित पवार ने अजित दादा की अंतिम इच्छाओं का भी भावुकता से जिक्र किया. उन्होंने बताया कि अजित पवार हमेशा से चाहते थे कि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के दोनों गुट फिर से एक हो जाएं. वे कार्यकर्ताओं की उन्नति के प्रति बेहद समर्पित थे और उनकी विचारधारा को साझा करने वाले लोगों को सत्ता में देखना चाहते थे. आज भले ही दादा हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनके द्वारा शुरू किए गए विलय के प्रयास अब भी पूरी ईमानदारी से जारी हैं. 

चुनाव के मैदान में एक हुआ परिवार 

वर्तमान में हो रहे जिला परिषद और पंचायत समिति चुनावों में एक दुर्लभ दृश्य देखने को मिला है. शरद पवार की राकांपा (एसपी) और अजित पवार की एनसीपी ने हाथ मिला लिया है और दोनों ही दल 'घड़ी' चुनाव चिह्न पर चुनाव लड़ रहे हैं. रोहित पवार का कहना है कि यह एकजुटता अजित दादा की उसी दिली इच्छा का परिणाम है जिसमें वे पूरे राजनीतिक परिवार को एक साथ देखना चाहते थे. परिवार आज भी भावनात्मक रूप से पूरी तरह एकजुट और मजबूत बना हुआ है.