‘जमीन, आसमान या पाताल... ढूंढकर निकालो’, पहलगाम हमले के बाद PM मोदी का आदेश; अजीत डोभाल ने बताया ऐसे शुरु हुआ ऑपरेशन सिंदूर

पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के जरिए आतंकवाद के खिलाफ कड़ा प्रहार किया था. अब राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने इस अभियान की रणनीति और उसके पीछे की सोच के बारे में विस्तार से जानकारी दी है.

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Shanu Sharma

पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद पूरी दुनिया की नजरें भारत की ओर थी. तभी भारतीय सैनिकों ने ऑपरेशन सिंदूर चलाकर आतंकवाद पर कड़ा प्रहार किया था. हालांकि दुनिया को केवल सैनिकों द्वारा किए गए हमले का पता है, लेकिन इस पूरे ऑपरेशन को एक सोची-समझी रणनीति से पूरा किया गया था. जिसके बारे में पहली बार राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने दुनिया के सामने बताया है.

डोभाल ने इस पूरे ऑपरेशन की कहानी को विस्तार से बताते हुए एक बार फिर साफ कर दिया कि भारत किसी भी हाल में अपनी सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए किसी भी जोखिम को उठाने से पीछे नहीं हटेगा. साथ ही जरूरत पड़ने पर कड़ा प्रहार करने से भी पीछे नहीं हटेगा.

पीएम मोदी के स्पष्ट निर्देश

राष्ट्रीय सलाहकार ने बताया कि पहलगाम हमले के वक्त प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विदेश यात्रा पर थे. हमले के बारे में पता चलते ही यात्रा को बीच में छोड़कर वापस लौटे और बेहद ही स्पष्ट प्रतिक्रिया दी थी. उन्होंने बताया कि पीएम मोदी के वापस आने के बाद एयरपोर्ट पर ही एक बैठक की गई थी. जिसमें उन्होंने इस हमले से जुड़ी सभी जानकारी ली और पहला सवाल पूछा कि यह किसने किया? इस दौरान उन्होंने आतंकवादियों को खोज निकालने और उनके खिलाफ सख्त एक्शन लेने का संकल्प लिया.


डोभाल ने बताया कि शुरुआत में ही भारत के इस ऑपरेशन का उद्देश्य स्पष्ट था. भारत का लक्ष्य उन सभी ठिकानों को पूरी तरह से नष्ट करना था, जिनका संबंध पहलगाम हमले से था. याद दिला दें कि पहलगाम में हुए हमले में 26 भारतीय पुरुष नागरिकों की मौत हुई थी. जिसके बाद भारत की ओर से आतंकवाद के खिलाफ ऑपरेशन सिंदूर चलाया गया था.

ऑपरेशन सिंदूर के पीछे का मकसद?

अजीत डोभाल ने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर का मकसद केवल आतंकी ठिकानों को निशाना बनाना नहीं था, बल्कि भारत की क्षमता और इरादे के बारे में दुनिया को साफ बताना था. उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य यही था कि इस बात को साफ समझ लिया जाए कि भारत की उदारता उसकी कमजोरी नहीं है और जरूरत पड़ने पर जोखिम उठा सकता है. उन्होंने इस ऑपरेशन की सफलता के पीछे भारतीय खुफिया एजेंसियों की अहम भूमिका बताई. उन्होंने इस हमले के जिम्मेदार लोगों और उनके ठिकानों को पहचानने में अहम भूमिका निभाई.