नई दिल्ली: पिछले साल अहमदाबाद में हुई एअर इंडिया की फ्लाइट एआई-171 से जुड़ी भीषण विमान दुर्घटना को लेकर मीडिया में चल रही विभिन्न अटकलों और खबरों पर अब एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) ने अपना आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी किया है.
ब्यूरो ने साफ शब्दों में कहा कि मीडिया में प्रकाशित कुछ रिपोर्ट्स तथ्यात्मक रूप से सत्यापित नहीं हैं और वे केवल अनुमान व अपुष्ट जानकारियों पर आधारित हैं. AAIB ने यह स्पष्ट किया कि इस हादसे की जांच अभी पूरी नहीं हुई है और फिलहाल किसी व्यक्ति, पायलट या किसी खास वजह को जिम्मेदार ठहराना सही नहीं होगा.
जांच एजेंसी का कहना है कि विमान दुर्घटनाओं की जांच एक बेहद जटिल और तकनीकी प्रक्रिया होती है, जिसे पूरा होने में समय लगता है. इसमें कई पहलुओं की गहराई से जांच की जाती है, जैसे फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर (ब्लैक बॉक्स), कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर, विमान की तकनीकी स्थिति, मौसम की जानकारी, एयर ट्रैफिक कंट्रोल से बातचीत और अन्य जरूरी तकनीकी डेटा.
ब्यूरो ने मीडिया संस्थानों और आम जनता से अपील की है कि वे अफवाहों या अटकलों पर भरोसा न करें और केवल आधिकारिक जानकारी व अंतिम जांच रिपोर्ट का इंतजार करे. AAIB ने दोहराया कि जांच पूरी पारदर्शिता और पेशेवर तरीके से की जा रही है और सभी तथ्यों की पुष्टि करने के बाद ही कोई निष्कर्ष सार्वजनिक किया जाएगा. जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक किसी भी तरह की जल्दबाजी से निकाले गए नतीजे भ्रामक हो सकते हैं.
दरअसल, यह बयान उस समय आया है जब इटली के एक अखबार Corriere Della Sera में छपी एक रिपोर्ट में दावा किया गया था कि अहमदाबाद में हुआ यह विमान हादसा किसी तकनीकी खराबी के कारण नहीं, बल्कि कथित तौर पर 'जानबूझकर की गई किसी हरकत' का परिणाम था. इस रिपोर्ट के बाद मामले को लेकर कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई थीं, जिस पर अब एएआईबी ने स्थिति साफ की है.
गौरतलब है कि यह विमान हादसा देश के सबसे दर्दनाक हवाई हादसों में से एक था. गुजरात की राजधानी अहमदाबाद में पिछले साल हुई इस दुर्घटना में कुल 260 लोगों की जान चली गई थी. इनमें 241 लोग विमान में सवार यात्री और क्रू मेंबर्स थे, जबकि 19 लोग जमीन पर मौजूद थे, जहां विमान दुर्घटनाग्रस्त हुआ. इस हादसे में विमान में बैठे केवल एक व्यक्ति की जान बच पाई थी, जो सीट नंबर 11A पर बैठा था.
जानकारी के अनुसार, विमान टेकऑफ के महज 32 सेकंड बाद ही दुर्घटनाग्रस्त हो गया था. यह विमान बी.जे. मेडिकल कॉलेज परिसर में गिरा था, जो रनवे से करीब 1.7 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है. इस विमान में सवार यात्रियों में भारतीयों के साथ-साथ विदेशी नागरिक भी शामिल थे. यह हादसा पूरे देश के लिए एक बड़ा सदमा था और अब सभी की नजरें इस जांच की अंतिम रिपोर्ट पर टिकी हुई हैं.