महाराष्ट्र के मुस्लिम बहुल इलाकों में ओवैसी की AIMIM ने चौंकाया, इस नगर निगम में किंगमेकर के रूप में उभरी; कांग्रेस-NCP को तगड़ा नुकसान
बीएमसी चुनाव में AIMIM ने मुंबई के मुस्लिम बहुल इलाकों में अपने उम्मीदवार उतारे थे. हालांकि, पार्टी को यहां सिर्फ तीन सीटों पर जीत मिली, लेकिन कई वार्डों में AIMIM की वजह से कांग्रेस और एनसीपी को नुकसान उठाना पड़ा.
मुंबई: महाराष्ट्र में बीएमसी सहित 29 नगर महापालिका के चुनाव नतीजों ने राज्य की राजनीति में नई तस्वीर पेश कर दी है. जहां एक तरफ बीजेपी और शिवसेना (शिंदे गुट) गठबंधन ने विपक्ष का पूरी तरह सफाया कर दिया है. वहीं, दूसरी ओर मुस्लिम बहुल इलाकों में असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM ने मजबूत मौजूदगी दर्ज कराकर सभी को चौंका दिया है. इन चुनावों में AIMIM ने कांग्रेस और एनसीपी जैसी पार्टियों के समीकरण पूरी तरह बिगाड़ दिए हैं.
राज्य की 29 नगर महापालिका में कुल 2,869 सीटें हैं. इनमें से असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM करीब 75 सीटों पर जीत दर्ज कर चुकी है या बढ़त बनाए हुए है. यह आंकड़ा भले ही कुल सीटों के मुकाबले बड़ा न लगे, लेकिन मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में इसका राजनीतिक असर काफी गहरा माना जा रहा है.खास बात यह है कि AIMIM ने उन इलाकों में सेंध लगाई है, जहां पहले कांग्रेस और एनसीपी का दबदबा माना जाता था.
मुंबई में AIMIM के 3 उम्मीदवार जीते
मुंबई की बात करें, तो यहां मुस्लिम आबादी 20 प्रतिशत से भी ज्यादा है और शहर की राजनीति में मुस्लिम वोट अहम भूमिका निभाते हैं. बीएमसी चुनाव में AIMIM ने मुंबई के मुस्लिम बहुल इलाकों में अपने उम्मीदवार उतारे थे. हालांकि, पार्टी को यहां सिर्फ तीन सीटों पर जीत मिली, लेकिन कई वार्डों में AIMIM की वजह से कांग्रेस और एनसीपी को नुकसान उठाना पड़ा. वार्ड 135 से इरशाद खान, वार्ड 134 से महजबीन अतीक अहमद और वार्ड 145 से खैरुनिसा हुसैन की जीत ने AIMIM की मौजूदगी दर्ज करा दी है.
औरंगाबाद में AIMIM का शानदार प्रदर्शन
AIMIM का सबसे शानदार प्रदर्शन औरंगाबाद में देखने को मिला है. यहां नगर निगम की कुल 115 सीटों में से पार्टी ने 24 सीटों पर जीत हासिल की है या बढ़त बनाए रखी है. इस इलाके में AIMIM पहले से ही मजबूत मानी जाती है. पार्टी के नेता इम्तियाज जलील इस क्षेत्र से सांसद रह चुके हैं. उनके प्रभाव का असर नगर निगम चुनाव में साफ नजर आया.
मालेगांव में किंगमेकर ओवैसी की पार्टी
मुस्लिम बहुल मालेगांव में AIMIM ने खुद को किंगमेकर के रूप में स्थापित कर लिया है. मालेगांव नगर निगम की 84 सीटों में से AIMIM 20 सीटों पर आगे है. यहां बीजेपी सिर्फ 2 सीटों पर सिमटती दिख रही है, जबकि शिंदे गुट की शिवसेना को 18 सीटों पर बढ़त मिली है. कांग्रेस महज 3 सीटों पर आगे है. बाकी सीटें अन्य दलों के खाते में जाती दिख रही हैं, जिनमें समाजवादी पार्टी भी शामिल है. ऐसे में मालेगांव में AIMIM के समर्थन के बिना किसी का मेयर बनना मुश्किल माना जा रहा है.
चंद्रपुर में बनाया नया रिकॉर्ड
इसके अलावा नांदेड़ वाघाला नगर निगम में AIMIM ने 14 सीटों पर जीत या बढ़त हासिल की है. धुले में पार्टी 8 सीटों पर आगे है, जबकि अमरावती में 6 सीटों पर उसके उम्मीदवार जीत के करीब हैं. चंद्रपुर में AIMIM ने पहली बार अपना प्रतिनिधि चुनवाकर नया रिकॉर्ड बनाया है. जालना में 2 सीट और परभणी में 1 सीट जीतकर पार्टी ने प्रतीकात्मक लेकिन अहम सफलता हासिल की है.
AIMIM का यह प्रदर्शन दिखाता है कि पार्टी अब सिर्फ कुछ पारंपरिक इलाकों तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि महाराष्ट्र की शहरी राजनीति में अपनी जगह मजबूत करने की कोशिश कर रही है. राजनीतिक जानकार मानते हैं कि यह नतीजे AIMIM के भविष्य के लिए एक मजबूत आधार साबित हो सकते हैं.
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