महबूबा मुफ्ती ने किया RSS बयान का समर्थन, बोलीं- पाकिस्तान से बातचीत ही कश्मीर में शांति का रास्ता

पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने RSS महासचिव दत्तात्रेय होसबले के पाकिस्तान से वार्ता वाले बयान का समर्थन किया. महबूबा ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में स्थायी शांति के लिए भारत-पाकिस्तान संवाद जरूरी है.

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Dhiraj Kumar Dhillon

पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (RSS) के बयान का समर्थन किया है. दरअसल आरएसएस महासचिव दत्तात्रेय होसबले ने पाकिस्तान के साथ वार्ता के रास्ते खुले रखने की वकालत की थी. होसबले के इस बयान के बाद पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने कहा है कि जम्मू-कश्मीर में शांति स्थापित करने के लिए संवाद की एकमात्र रास्ता है. इसके लिए पाकिस्तान के साथ वार्ता के विकल्प हमेशा खुले रहने जरूरी हैं.

बोलीं- यह बयान पीडीपी के रुख का समर्थन करता है

बुधवार को मीडिया से बात करते हुए महबूबा मुफ्ती ने कहा कि दत्तात्रेय होसबले का यह बयान स्वागत योग्य तो है ही, साथ ही पीडीपी के रुख का भी समर्थन करता है. हमारी पार्टी के संस्थापक और जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद का भी हमेशा यही मानना रहा कि जम्मू-कश्मीर में शा‌ति स्थापित करनी है तो पाकिस्तान के साथ बातचीत के विकल्प हमेशा खुले रहने चाहिएं, क्षेंत्रीय शांति का यही एकमात्र रास्ता है.

पूर्व प्रधानमंत्री वाजपेयी को भी याद किया

महबूबा मुफ्ती ने इस मौके पर पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल ‌बिहारी वाजपेयी को भी याद किया. उन्होंने कहा- वाजपेयी जी हमेशा कहा करते थे कि दोस्त बदले जा सकते हैं लेकिन पड़ोसी नहीं बदले जा सकते, इसलिए पड़ोसियों के साथ बेहतर संबंध जरूरी हैं और संबंधों का आधार संवाद के अलावा कुछ नहीं हो सकता. महबूबा ने कहा कि वाजपेयी और मनमोहन सरकार में आतंकी गतिविधियां कम होने का बड़ा कारण भी इन दोनों सरकारों के द्वारा जारी रखा गया संवाद ही था.

बोलीं- ट्रैक-2 डिप्लोमेसी के पॉजीटिव रिजल्ट आएंगे

पीडीपी प्रमुख ने कहा कि मेरी जानकारी के मुताबिक भारत और पाकिस्तान के बीच पिछले कुछ दिनों से ट्रैक-2 डिप्लोमेसी शुरू हुई है. दोनों देशों के वरिष्ठ और पूर्व नौकरशाहों के बीच दूसरे देशों में मुलाकातें हुई हैं. उन्होंने कहा कि इस डिप्लोमेसी के पॉजीटिव रिजल्ट आएंगे, ऐसी हम उम्मीद करते हैं. उन्होंने एक बार फिर कहा कि जम्मू- कश्मीर की शांति के लिए आरएसएस का बयान सकारात्मक और स्वागत योग्य है.