Ahmedabad Plane Crash: 'गणपति बप्पा ने मुझे बचा लिया', जाम के कारण छूटी फ्लाइट और बच गई भूमि चौहान की जान

भूमि ने कहा कि हादसे की खबर सुनकर वह सदमे में हैं. मेरा शरीर कांप रहा है. मैं बोल नहीं पा रही. उन्होंने कहा, कि मेरा दिमाग पूरी तरह खाली है.

Sagar Bhardwaj

गुजरात के अहमदाबाद में गुरुवार, 12 जून 2025 को हुए एयर इंडिया फ्लाइट AI-171 के भयावह हादसे ने देश को हिलाकर रख दिया. इस हादसे में 242 लोगों को ले जा रही बोइंग 787 ड्रीमलाइनर उड़ान भरने के कुछ मिनट बाद ही दुर्घटनाग्रस्त हो गई. लेकिन एक महिला, भूमि चौहान, ने 10 मिनट की देरी के कारण इस मौत की उड़ान को मिस कर अपनी जान बचा ली.

गणपति बप्पा की कृपा
भूमि चौहान, जो दो साल बाद भारत आई थीं और अकेले लंदन लौटने वाली थीं, ने एक टीवी चैनल को बताया, "मैं भगवान को धन्यवाद देती हूं. मेरे गणपति बप्पा ने मुझे बचाया." वह अहमदाबाद हवाई अड्डे जाते समय ट्रैफिक में फंस गईं और बोर्डिंग के लिए 10 मिनट देर से पहुंचीं. उन्होंने कहा, "बस उन दस मिनटों की वजह से मैं उस फ्लाइट में नहीं चढ़ पाई. मैं इसे बयान नहीं कर सकती." हादसे की खबर सुनकर वह सदमे में हैं. "मेरा शरीर कांप रहा है. मैं बोल नहीं पा रही," उन्होंने कहा, "मेरा दिमाग पूरी तरह खाली है."

हादसे का भयावह मंजर
फ्लाइट AI-171, जो सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से लंदन गैटविक जा रही थी, टेकऑफ के कुछ मिनट बाद मेघानी नगर में बीजे मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर्स हॉस्टल पर गिरकर धमाके के साथ जल गई. इस हादसे में 200 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, और कई स्थानीय लोग भी हताहत हुए हैं. बचाव कार्य जारी हैं.

एकमात्र जीवित बचे व्यक्ति
हादसे में एकमात्र जीवित बचे 40 वर्षीय ब्रिटिश नागरिक विश्वास कुमार रमेश, जो सीट 11A पर थे, को मलबे से निकाला गया. वह वर्तमान में असरवा सिविल अस्पताल में छाती, आंखों और पैरों की चोटों का इलाज करा रहे हैं. उन्होंने बताया, "मेरे आसपास लाशें थीं… किसी ने मुझे एंबुलेंस में खींच लिया."