वोट चोरी के आरोपों के बीच सोशल मीडिया पर एक और विवाद खड़ा हो गया है. राहुल गांधी द्वारा कथित वोटर फ्रॉड के आरोप लगाने के बाद अब एक भारतीय महिला की तस्वीर ने ऑनलाइन हलचल मचा दी है.
‘उर्मी’ नाम की इस महिला ने अपने एक्स अकाउंट से दो पोस्ट साझा किए—एक में उन्होंने पुणे में वोट डालने की बात कही, जबकि दूसरे में बिहार में वोट देने का जिक्र किया. दोनों पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर राजनीतिक बहस छिड़ गई.
महिला उर्मी ने मई 2024 में लोकसभा चुनाव के दौरान एक्स पर लिखा था—“गो वोट पुणे! वोटेड फॉर ए क्लीन गवर्नेंस.” वहीं, 6 नवंबर 2025 को उन्होंने एक और पोस्ट किया—“वोटेड फॉर ए मोदीफाइड इंडिया, जाई के वोट डाली बिहार!” दोनों पोस्ट में उन्होंने इंक लगे उंगली के साथ तस्वीरें साझा कीं, जिससे सोशल मीडिया पर यह दावा किया जाने लगा कि उन्होंने दो अलग-अलग राज्यों में मतदान किया है.
कांग्रेस प्रवक्ता अतुल लोंधे पाटिल ने दोनों पोस्ट के स्क्रीनशॉट शेयर करते हुए लिखा, “मैं महाराष्ट्र में लोकसभा में वोट दूंगा, बिहार में विधानसभा में वोट चुराऊंगा.”
लोकसभा में महाराष्ट्र में वोट करूंगी
— Atul Londhe Patil (INDIA Ka Parivar)🇮🇳 (@atullondhe) November 6, 2025
विधानसभा में बिहार में वोट करूंगी
मोदी के लिए वोट चोरी करूंगी 🧐🧐 pic.twitter.com/xDrrLoXMbj
उर्मी ने जवाब में लिखा कि उन्होंने बिहार में वोट नहीं डाला, बल्कि यह पोस्ट केवल लोगों को प्रेरित करने के लिए था. उन्होंने कहा, “मैंने कहा था ‘वोट किया’, न कि ‘आज वोट किया’. यह पोस्ट बस मोटिवेशनल थी.”
Voted for a Modi-fied India! 🇮🇳
Jaai ke Vote daali, Bihar! pic.twitter.com/kkWMwShqSh
— Urrmi (@Urrmi_) November 6, 2025
इसी विवाद के बीच आम आदमी पार्टी ने भी बीजेपी नेताओं पर दोहरी वोटिंग का आरोप लगाया. दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने दावा किया कि बीजेपी के राज्यसभा सांसद राकेश सिन्हा, संतोष ओझा और नागेंद्र कुमार ने दिल्ली और बिहार दोनों में वोट डाला है. हालांकि, बीजेपी नेताओं ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया.
राकेश सिन्हा ने अपने एक्स पोस्ट में लिखा, “मेरे नाम पर झूठे और नैतिक रूप से घटिया आरोप लगाए जा रहे हैं. मेरा नाम केवल बिहार की वोटर लिस्ट में है. दिल्ली की सूची से मैंने अपना नाम कानूनी प्रक्रिया के तहत हटवाया है.” उन्होंने कांग्रेस और आप पर झूठ फैलाने का आरोप लगाया.
इस विवाद से पहले राहुल गांधी ने एक ब्राजीलियन महिला की तस्वीर साझा की थी, दावा करते हुए कि उसकी तस्वीर हरियाणा के मतदान केंद्रों पर 22 बार अलग-अलग नामों से इस्तेमाल हुई. बाद में महिला की पहचान लारिसा नेरी के रूप में हुई, जिसने वीडियो जारी कर कहा कि उसकी पुरानी तस्वीर को भारत में फर्जी मतदान के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है.