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India Daily

भारत ने किया अफगानिस्तान के नए बांध प्रोजेक्ट का सपोर्ट, पानी सप्लाई में होगा सुधार

भारत ने कुनार नदी पर बांध बनाने की अफगानिस्तान की योजना का पूरा समर्थन किया है, और कहा है कि वह देश को अपने जल संसाधनों को स्थायी और पर्यावरण के अनुकूल तरीके से मैनेज करने में मदद करने के लिए तैयार है.

Shilpa Shrivastava
भारत ने किया अफगानिस्तान के नए बांध प्रोजेक्ट का सपोर्ट, पानी सप्लाई में होगा सुधार
Courtesy: Grok AI

नई दिल्ली: भारत ने कुनार नदी पर बांध बनाने की अफगानिस्तान की योजना का पूरा समर्थन किया है. साथ ही कहा है कि वो देश को अपने वॉटर रिसोर्सेज को परमानेंट करने में मदद करने के लिए तैयार है. भारत सरकार ने कहा कि वो अफगानिस्तान को हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट्स में मदद करने को तैयार है. इससे साफ बिजली पैदा हो सकती है और पानी की सप्लाई में सुधार हो सकता है.

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत और अफगानिस्तान के बीच ऐसे प्रोजेक्ट्स पर सहयोग का लंबा इतिहास रहा है. उन्होंने यह भी याद दिलाया कि भारत ने हेरात प्रांत में सलमा बांध बनाने में अफगानिस्तान की मदद की थी, जो इस क्षेत्र को बिजली और सिंचाई के लिए पानी दोनों सप्लाई करता है.

नए बांध को लेकर पाकिस्तान में चिंता का माहौल:

हाल ही में, अफगानिस्तान ने घोषणा कर बताया है कि कि वह कुनार नदी पर एक नया बांध बनाना शुरू करेगा, जो पाकिस्तान के उत्तर-पश्चिमी क्षेत्र में बहती है. इस घोषणा से पाकिस्तान काफी चिंता में नजर आ रहा है, क्योंकि उसे डर है कि बांध से उसके इलाके में आने वाले पानी की मात्रा कम हो सकती है. बता दें कि पाकिस्तान पहले से ही भारत के साथ पानी को लेकर मुुद्दों का सामना कर रहा है. यह घोषणा उस दौरान आई है, जब भारत ने 1960 की सिंधु जल संधि को निलंबित करने का फैसला किया था.

एक भारतीय अधिकारी ने कहा कि अफगानिस्तान के बांध प्रोजेक्ट पर पाकिस्तान ने गुस्सा दिखाया। अधिकारी ने कहा, "पाकिस्तान का मानना ​​है कि वह सीमा पार आतंकवाद को आजादी से जारी रख सकता है, लेकिन उसके पड़ोसी अब इसे स्वीकार नहीं कर रहे हैं." उन्होंने कहा कि भारत अफगानिस्तान की संप्रभुता, स्वतंत्रता और क्षेत्रीय अखंडता का समर्थन करने के लिए प्रतिबद्ध है.

भारत ने खारिज की जम्मू-कश्मीर पर OIC की टिप्पणियां:

भारत ने जम्मू और कश्मीर के बारे में ऑर्गनाइजेशन ऑफ इस्लामिक कोऑपरेशन के एक बयान को भी कड़े शब्दों में खारिज कर दिया. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि OIC को उन मामलों पर टिप्पणी करने का कोई अधिकार या अथॉरिटी नहीं है, जो पूरी तरह से भारत के आंतरिक मामले हैं. OIC ने पहले जम्मू और कश्मीर के लोगों के साथ एकजुटता व्यक्त की थी. साथ ही उनके आत्मनिर्णय के अधिकार का समर्थन किया था, लेकिन भारत ने इस बयान को खारिज कर दिया.