नई दिल्ली: 'लहरा दो तिरंगा' मार्च से पहले दिल्ली पुलिस ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके को शुक्रवार हो हिरासत में ले लिया है. दिल्ली पुलिस के मुताबिक, शनिवार को भी वह एहतियातन हिरासत में हैं. उन्हें स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट (SEM) की अदालत में पेश किया जाएगा. पुलिस ने बताया कि दिपके के खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023 की धारा 126 और 170 के तहत कार्रवाई की गई है.
इसके अलावा, शुक्रवार की घटना के सिलसिले में सार्वजनिक शांति भंग करने के आरोप में एक नया मामला भी दर्ज किया गया है. अब आगे अदालत तय करेगी कि दीपके को जमानत मिलेगी या नहीं.
इस मामले में ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की अध्यक्ष नेहा बोरा को भी हिरासत में लिया गया था. वह तिरंगा यात्रा में शामिल होने के लिए मंडी हाउस जा रही थीं. दिल्ली पुलिस के मुताबिक, जरूरी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद उन्हें रिहा कर दिया गया. उनके खिलाफ दिल्ली पुलिस अधिनियम की धारा 65 के तहत कार्रवाई की गई थी.
रिहाई के बाद बोरा ने केंद्र सरकार और पुलिस की कार्रवाई की आलोचना की. उन्होंने आरोप लगाया कि देश में प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर डर पैदा करने की कोशिश की जा रही है. बोरा ने कहा कि उनकी लड़ाई तब तक जारी रहेगी, जब तक मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को वापस नहीं लिया जाता.
अभिजीत दिपके को पिछले शनिवार सौरव दास और आशुतोष रंका के साथ हिरासत में लिया गया था. तीनों जंतर-मंतर पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन करने जा रहे थे. बाद में उन्हें एक बॉन्ड पर हस्ताक्षर करने के बाद रिहा किया गया था. इसमें एक साल तक शांति भंग करने वाली गतिविधियों में शामिल नहीं होने का वादा किया गया था.
इसके बाद सौरव दास और आशुतोष रंका को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन में शामिल होने के बाद दोबारा गिरफ्तार कर लिया गया. दोनों फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं.