कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की प्रस्तावित तिरंगा यात्रा से पहले दिल्ली पुलिस ने पार्टी संस्थापक अभिजीत दिपके को नोटिस दिया है. पुलिस ने कहा है कि कनॉट प्लेस और सेंट्रल पार्क के आसपास भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू है. ऐसे में बिना अनुमति मार्च निकालने या भीड़ जुटाने पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है.
दिल्ली पुलिस की टीम राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार) के नेता अनीश गवांडे के घर पहुंची, जहां अभिजीत दिपके ठहरे हुए हैं. पुलिस ने उन्हें नोटिस देकर प्रस्तावित तिरंगा यात्रा के संबंध में चेतावनी दी. पार्टी ने 16 अक्टूबर को शाम 5 बजे कनॉट प्लेस में लोगों से जुटने की अपील की थी.
Delhi Police have reached Abhijeet Dipke’s residence. They are not there to detain him, but to question him about this evening’s protest at CP. Delhi Police are speaking to him politely, but this Kejriwal student is responding with attitude and smart remarks. Even a simple conversation seems too much for someone who thinks he can get away with talking back to everyone.
— Amit Kumar Sindhi (@AMIT_GUJJU) October 16, 2026
भीड़ और भगदड़ का खतरा: पुलिस के मुताबिक, कनॉट प्लेस गोलाकार बाजार है और यहां प्रवेश तथा निकास के रास्ते सीमित हैं. बड़ी संख्या में लोगों के जमा होने से रास्ते बंद हो सकते हैं और भगदड़ का खतरा पैदा हो सकता है.
व्यापार पर असर: कनॉट प्लेस में शोरूम, होटल, रेस्तरां, बैंक और कार्यालय हैं. पुलिस का कहना है कि त्योहारों के मौसम में प्रदर्शन से कारोबार प्रभावित हो सकता है. नोटिस में दावा किया गया है कि यहां 15 लाख से अधिक व्यापारी और कर्मचारी आजीविका के लिए निर्भर हैं.
मेट्रो यात्रियों को परेशानी: कनॉट प्लेस के नीचे राजीव चौक मेट्रो स्टेशन है, जहां ब्लू और येलो लाइन मिलती हैं. पुलिस के अनुसार, यहां रोजाना करीब दो लाख यात्रियों की आवाजाही होती है. प्रदर्शन से यातायात और सार्वजनिक परिवहन प्रभावित हो सकते हैं.
सड़कों पर जाम: कनॉट प्लेस से मध्य दिल्ली के कई प्रमुख मार्ग जुड़े हैं. पुलिस ने आशंका जताई कि यहां भीड़ जमा होने से आसपास की सड़कों पर जाम लग सकता है और लोगों की आवाजाही बाधित हो सकती है.
हाई कोर्ट के निर्देश: पुलिस ने अमित सैनी बनाम पुलिस कमिश्नर मामले का हवाला देते हुए कहा कि प्रदर्शनों के कारण आम लोगों के आवागमन में बाधा नहीं आनी चाहिए.
सुरक्षा संबंधी चिंताएं: कनॉट प्लेस के आसपास संसद भवन, केंद्रीय सचिवालय और कई दूतावास स्थित हैं. पुलिस के मुताबिक, भीड़ के इन क्षेत्रों की ओर बढ़ने से सुरक्षा और कानून-व्यवस्था से जुड़ी समस्याएं पैदा हो सकती हैं.
आपातकालीन सेवाओं में बाधा: इलाके में पुरानी इमारतें और संकरी सर्विस लेन हैं. पुलिस ने कहा कि भीड़ के कारण दमकल गाड़ियों और एंबुलेंस की आवाजाही प्रभावित हो सकती है, जिससे आपात स्थिति में मुश्किल बढ़ेगी.
निषेधाज्ञा का उल्लंघन: पुलिस के अनुसार, BNSS की धारा 163 के तहत लागू प्रतिबंधों के दौरान गैरकानूनी जमावड़ा करने पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 223 समेत संबंधित कानूनों के तहत कार्रवाई हो सकती है.
पहले के प्रदर्शनों का हवाला: पुलिस ने नोटिस में CJP के पिछले प्रदर्शनों का भी उल्लेख किया. उसका दावा है कि पहले कुछ प्रदर्शनों के दौरान शांति भंग हुई और निर्धारित शर्तों का उल्लंघन किया गया था. पुलिस ने संसद मार्च के दौरान हिंसा और सरकारी व निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचने का भी हवाला दिया.
नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (NDMC) ने प्रशासनिक कारणों का हवाला देते हुए शुक्रवार और शनिवार को सेंट्रल पार्क आम लोगों के लिए बंद रखने की घोषणा की है. दिल्ली पुलिस ने कहा है कि वह चुनिंदा लोगों को किसी उपयुक्त स्थान पर तिरंगा लहराने और राष्ट्रगान गाने की सुविधा देने पर विचार कर सकती है.
सोशल मीडिया पर सामने आए एक वीडियो में दिपके पुलिस के नोटिस पर सवाल उठाते दिखाई दे रहे हैं. कागजात पढ़ते हुए उन्होंने पुलिसकर्मियों से पूछा कि उनके खिलाफ किस आधार पर आरोप लगाए गए हैं. उन्होंने नोटिस की भाषा पर आपत्ति जताते हुए कहा कि पुलिस अपनी मर्जी से बातें लिख रही है.
दी गई जानकारी के मुताबिक, दिपके नोटिस पर अपने वकीलों से सलाह ले रहे हैं. CJP ने अभी तक तिरंगा यात्रा को लेकर अपना अंतिम फैसला सार्वजनिक नहीं किया है. आगे की कार्रवाई इस बात पर निर्भर करेगी कि पार्टी कानूनी सलाह के बाद क्या निर्णय लेती है.