मौसम का बदला मिजाज, इन राज्यों में झमाझम बारिश के साथ शीतलहर का अलर्ट हुआ जारी
देश के अलग अलग हिस्सों में मौसम का असर साफ दिख रहा है. उत्तर भारत में शीतलहर और कोहरा जारी है जबकि दक्षिण भारत के चार राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट है.
नई दिल्ली: देश के मौसम ने एक बार फिर करवट ली है और अलग अलग हिस्सों में इसका अलग असर देखने को मिल रहा है. उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड, शीतलहर और घना कोहरा लोगों की मुश्किलें बढ़ा रहा है. वहीं दक्षिण भारत में बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने गहरे अवदाब के कारण भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है. भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार अगले कुछ दिनों तक उत्तर भारत को ठंड से राहत मिलने की उम्मीद कम है.
उत्तर पश्चिम भारत, बिहार और मध्य भारत के कई इलाकों में सुबह के समय घना कोहरा छाने की संभावना जताई गई है. राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, बिहार और मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में शीत दिवस की स्थिति बनी रह सकती है. इन क्षेत्रों में तापमान सामान्य से नीचे बना रहेगा और ठंडी हवाएं चलने की संभावना है.
मौसम विभाग ने क्या बताया?
मौसम विभाग ने बताया है कि हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, ओडिशा और उत्तरी आंतरिक कर्नाटक के कुछ हिस्सों में शीतलहर चल सकती है. उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड और बिहार में भी ठंड का असर तेज रहेगा. राजस्थान में 11 से 14 जनवरी के बीच शीतलहर का खतरा बना रहेगा.
दक्षिण भारत के चार राज्यों अरुणाचल प्रदेश, तमिलनाडु, केरल और कर्नाटक में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है. 11 जनवरी को भी कुछ इलाकों में तेज बारिश हो सकती है. बंगाल की खाड़ी और आसपास के समुद्री इलाकों में तेज हवाओं के कारण मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है.
दिल्ली एनसीआर में कैसी है स्थिति?
दिल्ली एनसीआर में शीतलहर का असर जारी रहने की संभावना है. हाल ही में राजधानी में इस मौसम की सबसे ठंडी सुबह दर्ज की गई है. न्यूनतम तापमान रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गया और कई इलाकों में हल्की बारिश भी देखी गई.
उत्तर प्रदेश में अगले दो दिनों में ठंड और कोहरे से कुछ राहत मिलने की संभावना है. धूप निकलने से कोहरे में कमी आ सकती है लेकिन कुछ इलाकों में बूंदाबांदी के आसार बने हुए हैं.
आने वाले दिनों में कैसा रहेगा मौसम?
बिहार में अगले कुछ दिनों तक शीतलहर और घने कोहरे का कहर जारी रहने की चेतावनी दी गई है. कश्मीर घाटी में कड़ाके की ठंड का दौर जारी है. तापमान शून्य से नीचे होने के कारण डल झील के कुछ हिस्से जम गए हैं. चिल्ला ए कलां के दौरान ठंड और बढ़ने की आशंका बनी हुई है.