नई दिल्ली: G20 में शामिल कई देश के राष्ट्राध्यक्ष इस शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने भारत पहुंचे हुए हैं. भारत मंडपम में आयोजित इस शिखर सम्मेलन में रूस के राष्ट्रपति और चीन के राष्ट्रपति जिनपिंग नहीं आए हैं. रूस की ओर से विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव और चीनी प्रीमियर ली कियांग सम्मेलन में शामिल होने के लिए भारत आए हैं. सम्मेलन के पहले दिन रूस-यूक्रेन समेत कुल 73 मामले पर सहमति बनी है. रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर भारत में अपनाई गई भाषा बाली शिखर सम्मेलन से अलग है. आपको बताते चलें, बाली सम्मेलन में यूक्रेन में रूस के बीच जारी युद्ध की निंदा की गई थी.
रूस-यूक्रेन युद्ध के मामले पर पर भाषा में बदलाव को लेकर विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि बाली-बाली था, दिल्ली-दिल्ली है. बाली घोषणा के बाद से कई चीजें हुई हैं. उन्होंने आगे कहा कि किसी को इसके बारे में कोई धार्मिक दृष्टिकोण नहीं रखना चाहिए. दिल्ली घोषणा आज की चिंताओं का जवाब देती है, जैसी बाली घोषणा ने उस समय की चिंताओं का जवाब दिया था.
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जानिए घोषणा पत्र में क्या था
यूक्रेन मुद्दे पर आम सहमति को लेकर किए गए प्रयासों का जिक्र करते हुए विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि यह 83 पैराग्राफों की घोषणा है. इसमें बहुत सारे विषय शामिल हैं लेकिन यूक्रेन में चल रहे युद्ध और उस पर अलग-अलग विचारों की वजह से बीते कुछ दिनों में भू-राजनीतिक मुद्दों के संबंध में काफी समय बीता.
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