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India Daily

महीने भर मौत से जंग लड़ने के बाद ओडिशा की 15 साल की नाबालिग ने तोड़ा दम, हमलावरों ने जलाया था जिंदा

ओडिशा के पुरी में 19 जुलाई को एक 15 साल की नाबालिग लड़की पर बाइक सवार तीन अज्ञात हमलावरों ने कथित तौर पर लड़की पर मिट्टी का तेल छिड़ककर आग लगा दिया था. गंभीर रूप से जली इस बच्ची ने कई हफ्तों तक जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष किया, लेकिन शनिवार को दिल्ली के एम्स अस्पताल में उसने अंतिम सांस ली. 

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Edited By: Garima Singh
महीने भर मौत से जंग लड़ने के बाद ओडिशा की 15 साल की नाबालिग ने तोड़ा दम, हमलावरों ने जलाया था जिंदा
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Odisha girl brutal attack: ओडिशा के पुरी में 19 जुलाई को एक 15 साल की नाबालिग लड़की पर हुए क्रूर हमले ने पूरे देश को झकझोर दिया था. इस दिल दहलाने वाली घटना में, बाइक सवार तीन अज्ञात हमलावरों ने कथित तौर पर लड़की पर मिट्टी का तेल छिड़ककर आग लगा दी थी. गंभीर रूप से जली इस बच्ची ने कई हफ्तों तक जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष किया, लेकिन शनिवार को दिल्ली के एम्स अस्पताल में उसने अंतिम सांस ली. 

ये घटना उस समय हुई, जब नाबालिग लड़की अपने रिश्तेदार के घर जा रही थी. मौके पर मौजूद लोगों के अनुसार, उसे अगवा कर भार्गबी नदी के किनारे एक सुनसान जगह पर ले जाया गया, जहां हमलावरों ने उस पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी. स्थानीय लोगों ने उसकी चीखें सुनकर तुरंत मदद के लिए दौड़ लगाई और पुलिस को सूचना दी. शुरूआती जांच में पुलिस ने बताया कि हमले का कोई ठोस सबूत नहीं मिला है, लेकिन जांच अभी भी जारी है और संदिग्धों की तलाश में छापेमारी की जा रही है.

जिंदगी से जंग हुई ख़त्म 

75% से अधिक जल चुकी इस नन्ही सी जान को पहले भुवनेश्वर के एम्स में भर्ती कराया गया. हालत बिगड़ने पर उसे एयरलिफ्ट कर दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) लाया गया. एम्स के बर्न्स एंड प्लास्टिक सर्जरी ब्लॉक के बर्न आईसीयू में उसे डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया. डॉक्टरों ने बताया कि उसकी हालत नाजुक थी और उसे निरंतर ऑक्सीजन सपोर्ट की जरूरत थी. एम्स दिल्ली ने अपने बयान में कहा, "विशेषज्ञों की एक टीम ने चौबीसों घंटे उसकी देखभाल की, लेकिन हम उसे बचा नहीं सके."

मुख्यमंत्री ने जताया शोक 

ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने इस घटना पर गहरा दुख जताया है. उन्होंने कहा, "पीड़ित बच्ची की मौत की खबर सुनकर मुझे गहरा सदमा लगा है. सरकार के तमाम प्रयासों और दिल्ली एम्स की विशेषज्ञ चिकित्सा टीम की चौबीसों घंटे की कोशिशों के बावजूद, उसकी जान नहीं बचाई जा सकी. मैं बच्ची की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करता हूं और ईश्वर से उसके परिवार को इस अपूरणीय क्षति को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना करता हूं."