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'बच्चे मर गए, कोई भी इसे सहन नहीं कर सकता', बेंगलुरु भगदड़ पर बात करते हुए डीके शिवकुमार कैमरे पर रो पड़े

कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार गुरुवार को उस समय रो पड़े जब उन्होंने बेंगलुरु में हुई दुखद भगदड़ के बाद पहली बार मीडिया को संबोधित किया जिसमें 11 लोगों की मौत हो गई थी.

Gyanendra Sharma
'बच्चे मर गए, कोई भी इसे सहन नहीं कर सकता', बेंगलुरु भगदड़ पर बात करते हुए डीके शिवकुमार कैमरे पर रो पड़े
Courtesy: Social Media

कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार बेंगलुरु में हुई भगदड़ के बारे में मीडिया को संबोधित करते हुए कैमरे पर रो पड़े, जिसमें ग्यारह लोग मारे गए. भावुक दिख रहे शिवकुमार ने कहा कि मैं बच्चों के बारे में चिंतित हूं, उन छोटे बच्चों के बारे में मैंने देखा कि वे 15 साल के थे. मैंने अपनी आंखों से कम से कम 10 लोगों को मरते हुए देखा है. कोई भी परिवार इस नुकसान को पचा नहीं सकता.

शिवकुमार ने यह भी बताया कि कैसे स्थिति जल्दी खराब हो गई और कार्यक्रम स्थल पर मौजूद अधिकारियों ने उन्हें कितनी जल्दी कार्यक्रम खत्म करने के लिए कहा. उन्होंने कहा, पुलिस कमिश्नर ने मुझे 10 मिनट में कार्यक्रम खत्म करने के लिए कहा. मैं जल्दी से कार्यक्रम में पहुंच गया. उन्होंने मुझसे कहा कि 1-2 लोगों की जान चली गई है कार्यक्रम जल्दी से खत्म करो, कार्यक्रम को 10 मिनट में खत्म करो.

यह भगदड़ बुधवार को रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु टीम के इंडियन प्रीमियर लीग में पहली बार खिताब जीतने के बाद उनके सम्मान में आयोजित सार्वजनिक समारोह के दौरान हुई.

रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर की आईपीएल जीत के जश्न के दौरान घटी घटना के बारे में बोलते हुए शिवकुमार भावुक नजर आए और उन्होंने अपनी भावनाओं को काबू में नहीं रखा. उन्होंने इसे राज्य के लिए हृदय विदारक क्षण बताया. शिवकुमार ने कहा, हमें प्रशासनिक सबक सीखना चाहिए, विपक्ष को लाशों पर राजनीति करने देना चाहिए. मैं बताऊंगा कि उन्होंने कितनी लाशों पर राजनीति की है. लेकिन छोटे बच्चों को देखकर दुख होता है. मैंने उनका दर्द देखा है. 

समाचार एजेंसी एएनआई से बात करते हुए उपमुख्यमंत्री ने कहा, ऐसा नहीं होना चाहिए था और हमें इतनी बड़ी भीड़ की उम्मीद नहीं थी. स्टेडियम की क्षमता 35,000 है, लेकिन वहां 3 लाख से ज़्यादा आ गए. गेट तोड़ दिए गए. हम इस घटना के लिए माफ़ी मांगते हैं.