चक्कर आना...नाक से खून बहना, भीषण गर्मी में लू लगने से कैसे बचें? अपनाएं ये 5 आसान तरीके
भीषण गर्मी और लू के मौसम में स्वास्थ्य का खास ध्यान रखना बहुत जरूरी है. लू लगने से बचने के लिए पानी ज्यादा पीना, दोपहर में बाहर न निकलना, हल्के कपड़े पहनना और ठंडी जगह पर आराम करना जैसे सरल उपाय अपनाए जा सकते हैं.
नई दिल्ली: अप्रैल 2026 में देश के कई हिस्सों में गर्मी ने रफ्तार पकड़ ली है. दिन का तापमान 40 डिग्री के पार पहुंच रहा है और लू चलने की संभावना बढ़ गई है. ऐसे में लू लगना आम समस्या बन गई है, जिससे सिरदर्द, चक्कर आना, उल्टी और बेहोशी जैसे लक्षण दिखते हैं. मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक कुछ सावधानियां अपनाकर लू से आसानी से बचा जा सकता है. अगर आप भी भीषण गर्मी से परेशान हैं तो ये सरल और असरदार उपाय आजमाकर अपने स्वास्थ्य की रक्षा करें.
लू क्या है और क्यों लगती है
लू तब लगती है जब शरीर का तापमान नियंत्रित नहीं रह पाता. ज्यादा गर्मी, धूप और डिहाइड्रेशन के कारण शरीर ठंडक नहीं बना पाता. इससे खून गाढ़ा हो जाता है और अंगों पर दबाव पड़ता है.
पानी ज्यादा पीकर शरीर को हाइड्रेट रखें
सबसे महत्वपूर्ण उपाय है दिन भर खूब पानी पीना. कम से कम 3-4 लीटर पानी जरूर पिएं. नारियल पानी, छाछ और नींबू पानी भी फायदेमंद है. पेशाब हल्का पीला होना चाहिए.
दोपहर 12 से 4 बजे तक घर से बाहर न निकलें
सूर्य की सबसे तेज किरणें दोपहर में होती हैं. इस समय बाहर निकलने से बचें. अगर जरूरी हो तो छाता, टोपी और सूती कपड़ा साथ रखें.
हल्के और ढीले कपड़े पहनें
सफेद या हल्के रंग के ढीले सूती कपड़े पहनें. इससे पसीना आसानी से सूखता है और शरीर ठंडा रहता है. टाइट और गहरे रंग के कपड़े गर्मी बढ़ाते हैं.
ठंडी जगह पर आराम करें
घर में पंखा, कूलर या एसी का इस्तेमाल करें. रात को खिड़कियां खुली रखें. दिन में सोते समय ठंडे पानी से नहाएं.
हल्का और ताजा खाना खाएं
भारी, तला-भुना और मसालेदार खाना避 करें. फल, सलाद, दही और छाछ ज्यादा लें. इससे शरीर को ऊर्जा मिलती है और गर्मी नहीं लगती.
बच्चों और बुजुर्गों पर खास ध्यान
बच्चे और बुजुर्ग लू की चपेट में जल्दी आते हैं. उन्हें ज्यादा पानी पिलाएं और दोपहर में बाहर न भेजें. उनकी हालत पर नजर रखें.
लू के लक्षण पहचानें
सिरदर्द, चक्कर, जी मिचलाना, ज्यादा पसीना आना या पसीना बंद होना लू के संकेत हैं. तुरंत छायादार जगह पर ले जाएं और पानी पिलाएं.
घरेलू उपाय अपनाएं
- प्याज का रस, इमली का शरबत या धनिया पानी पीने से राहत मिलती है. गुलाबजल का इस्तेमाल भी शरीर को ठंडक देता है.
- दोपहर में भारी काम या व्यायाम न करें. सुबह या शाम हल्की वॉक करें. शरीर को ज्यादा थकाएं नहीं.
- बीपी, शुगर की दवाएं लेने वाले मरीज डॉक्टर से सलाह लेकर डोज एडजस्ट करें. गर्मी में कुछ दवाएं शरीर को प्रभावित करती हैं.
- लक्षण गंभीर हों तो तुरंत डॉक्टर के पास जाएं. ज्यादा देर इंतजार करने से स्थिति बिगड़ सकती है.
Disclaimer: यहां दी गई सभी जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. theindiadaily.com इन जानकारियों की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह ले लें.
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