AC में बैठना माइग्रेन को बढ़ाता है या कम करता है? जानें सच और सेहत पर इसका असर
AC की ठंडी हवा माइग्रेन मरीजों के लिए मददगार भी हो सकती है और नुकसानदायक भी यह आपके ट्रिगर्स पर निर्भर करता है. तापमान में अचानक बदलाव और तेज हवा कई बार अटैक बढ़ा देती है, जबकि नियंत्रित ठंडक राहत भी देती है.
नई दिल्ली: माइग्रेन के मरीज अक्सर छोटी-सी चीज से भी ट्रिगर हो जाते हैं-तेज रोशनी, गंध, तनाव या मौसम का बदलाव. लेकिन एक सवाल हमेशा उभरता है कि क्या एयर कंडीशनर में बैठना माइग्रेन को बढ़ा देता है? क्योंकि कई लोग बताते हैं कि ठंडी हवा से उनका दर्द बढ़ जाता है, जबकि कुछ लोगों को AC में आराम मिलता है.
असल में AC माइग्रेन का सीधा कारण नहीं बनता, बल्कि तापमान में अचानक गिरावट, तेज हवा और नमी में बदलाव आपके दिमाग की संवेदनशील नसों को प्रभावित कर सकता है. इसलिए समझना जरूरी है कि AC कैसे और कब माइग्रेन मरीजों के लिए खतरा बन सकता है, और कब राहत देता है.
अचानक ठंडक माइग्रेन को ट्रिगर कर सकती है
AC का तापमान बहुत कम होने पर शरीर को शॉक जैसा लगता है. तापमान का यह तेजी से गिरना नसों पर असर करता है और माइग्रेन अटैक शुरू कर सकता है.
ड्राई एयर से डिहाइड्रेशन का खतरा
AC लगातार चलने से कमरे की नमी कम हो जाती है, जिससे हल्का डिहाइड्रेशन हो सकता है—यह माइग्रेन का बड़ा कारण है.
तेज हवा सीधे चेहरे पर पड़े तो बढ़ सकता है दर्द
सीधी ठंडी हवा माथे या आंखों पर पड़े तो संवेदनशील नसें सिकुड़ जाती हैं, जिससे सिरदर्द और ज्यादा तेज हो सकता है.
सही तापमान पर राहत भी मिल सकती है
अगर AC को 24–26°C पर रखा जाए, हवा तेज न हो और नमी संतुलित रहे, तो यह माइग्रेन मरीजों को आराम भी दे सकता है, खासकर गर्मी में.
लंबे समय तक AC में बैठना भी नुकसानदेह
कई घंटे लगातार AC में रहने से शरीर ठंडा हो जाता है, ब्लड फ्लो प्रभावित होता है और माइग्रेन की संभावना बढ़ जाती है. बीच-बीच में ब्रेक लेना जरूरी है.
ठंडे कमरे से बाहर गर्मी में आते ही माइग्रेन ट्रिगर
बाहर गर्मी और अंदर ठंडी AC-यह तापमान का बड़ा अंतर शरीर को अचानक झटका देता है. इस कारण मस्तिष्क की रक्त वाहिकाएं तेजी से फैलती-सिकुड़ती हैं, जिससे माइग्रेन का दर्द शुरू हो सकता है.
खराब एयर क्वालिटी भी बढ़ाती है दिक्कत
कई बार AC में खराब फिल्टर होता है, जिससे धूल और एलर्जेन हवा में फैल जाते हैं. यह संवेदनशील व्यक्तियों में सिरदर्द, आंखों में जलन और माइग्रेन के लक्षणों को तेज कर सकता है.
शरीर का ठंडा होना मांसपेशियों में तनाव लाता है
AC कमरे में लंबे समय तक बैठने से गर्दन और कंधे की मांसपेशियां टाइट हो जाती हैं. यह टेंशन माइग्रेन को ट्रिगर करने वाले प्रमुख कारणों में से एक है.
Disclaimer: यहां दी गई सभी जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. theindiadaily.com इन मान्यताओं और जानकारियों की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह ले लें.