क्या आपको भी पानी पीने के बाद बार-बार लगती है प्यास? जानें आपकी हेल्थ के लिए ये कितना खतरनाक
सबसे आम वजह डिहाइड्रेशन यानी शरीर में पानी की कमी होती है. ज्यादा मेहनत करने, तेज धूप में रहने, ज्यादा पसीना निकलने या नमक वाली चीजें खाने से शरीर का पानी कम हो जाता है. कैफीन वाली चाय-कॉफी और शराब भी शरीर से पानी निकाल देती हैं.
Frequent Thirst Causes: पानी पीने के बावजूद अगर बार-बार प्यास लगती रहे या गला सूखा महसूस हो, तो इसे हल्के में न लें. यह लक्षण सिर्फ सामान्य थकान या गर्मी का असर नहीं होता. कई बार यह शरीर में किसी गंभीर समस्या का संकेत भी बन सकता है. डॉक्टरों का कहना है कि इस लक्षण को नजरअंदाज करना सही नहीं है.
क्या आपको भी पानी पीने के बाद बार-बार लगती है प्यास?
सबसे आम वजह डिहाइड्रेशन यानी शरीर में पानी की कमी होती है. ज्यादा मेहनत करने, तेज धूप में रहने, ज्यादा पसीना निकलने या नमक वाली चीजें खाने से शरीर का पानी कम हो जाता है. कैफीन वाली चाय-कॉफी और शराब भी शरीर से पानी निकाल देती हैं. ऐसे में व्यक्ति बार-बार पानी पीने के बावजूद तरोताजा महसूस नहीं करता.
जानें आपकी हेल्थ के लिए ये कितना खतरनाक
लेकिन अगर यह समस्या लगातार बनी रहे तो डायबिटीज की जांच जरूर करानी चाहिए. जब ब्लड शुगर बढ़ जाता है तो शरीर अतिरिक्त ग्लूकोज को पेशाब के जरिए बाहर निकालने लगता है. इस प्रक्रिया में शरीर का पानी भी निकल जाता है, जिससे प्यास बढ़ जाती है. कई लोगों में यही डायबिटीज का पहला लक्षण बनता है.
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किडनी की बीमारी भी पानी के संतुलन को बिगाड़ सकती है. किडनी शरीर में पानी और जरूरी लवणों का सही स्तर बनाए रखती है. अगर किडनी ठीक से काम न करे तो यह संतुलन गड़बड़ा जाता है और व्यक्ति को बार-बार प्यास लगने लगती है.
एक और कम जानी-पहचानी वजह डायबिटीज इन्सिपिडस है. इसमें शरीर में वैसोप्रेसिन नाम का हार्मोन कम बनता है या उसका असर नहीं होता. इससे किडनी ज्यादा पानी बाहर निकालने लगती है और प्यास बढ़ जाती है. मुंह सूखने की समस्या भी कई बार दवाओं, सांस की बीमारियों या हार्मोनल गड़बड़ी की वजह से होती है, जो प्यास का अहसास बढ़ा देती है.
कब डॉक्टर के पास जाएं?
अगर प्यास के साथ बार-बार पेशाब आना, वजन घटना, थकान, धुंधला दिखना या मुंह सूखना लगातार बना रहे तो तुरंत जांच करवाएं. खासकर अगर परिवार में डायबिटीज या किडनी की बीमारी का इतिहास हो तो लापरवाही न करें.
सरल उपाय भी मददगार हो सकते हैं. रोजाना पर्याप्त पानी पिएं, लेकिन एक साथ ज्यादा न पिएं. नमक, चीनी, कैफीन और शराब कम करें. फल-सब्जियां खाएं जो पानी और खनिज देते हैं. फिर भी लक्षण बने रहें तो डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है.