अल्मोड़ा में SSB का बड़ा ऑपरेशन, 54.74 लाख की नकली करेंसी जब्त; 52 तस्करी पीड़ितों को कराया मुक्त

भारत-नेपाल और भारत-भूटान सीमा पर एसएसबी ने नकली भारतीय और विदेशी मुद्रा के साथ मादक पदार्थ बरामद किए हैं. अभियान में मानव तस्करी के 52 पीड़ितों को मुक्त कराया गया और 136 तस्कर गिरफ्तार किए गए.

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Kuldeep Sharma

सीमा सुरक्षा के साथ मानव तस्करी और नशे के खिलाफ एसएसबी की कार्रवाई लगातार जारी है. अल्मोड़ा के गनियाद्योली स्थित सीमांत मुख्यालय में आईजी अमित कुमार ने बल की उपलब्धियां साझा कीं. उन्होंने बताया कि अब तक 54.74 लाख रुपये की नकली भारतीय मुद्रा और 8.09 लाख रुपये की विदेशी मुद्रा जब्त की गई है.

सीमा पर नकली करेंसी का नेटवर्क ध्वस्त

एसएसबी ने भारत-नेपाल और भारत-भूटान सीमा पर कार्रवाई करते हुए 54.74 लाख रुपये की नकली भारतीय मुद्रा बरामद की है. इसके अलावा 8.09 लाख रुपये मूल्य की विदेशी मुद्रा भी जब्त की गई. आईजी अमित कुमार के मुताबिक सीमांत मुख्यालय के जवानों ने अब तक 116 मामलों में कार्रवाई की है. इन अभियानों का मकसद सीमा के रास्ते होने वाली अवैध गतिविधियों पर रोक लगाना है. नकली मुद्रा की बरामदगी को भारतीय अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाने वाली कोशिशों के खिलाफ महत्वपूर्ण कार्रवाई माना जा रहा है.

52 पीड़ितों को तस्करों के चंगुल से छुड़ाया

मानव तस्करी के खिलाफ भी एसएसबी ने कई अभियान चलाए हैं. आईजी के अनुसार भारत-नेपाल और भारत-भूटान सीमा क्षेत्र में मानव तस्करी के 45 मामले दर्ज किए गए हैं. कार्रवाई के दौरान 32 मानव तस्करों को पकड़ा गया और उनके कब्जे से 52 पीड़ितों को सुरक्षित मुक्त कराया गया. सीमा क्षेत्रों से लोगों को बहला-फुसलाकर या दूसरे तरीकों से तस्करी के नेटवर्क में धकेले जाने की घटनाओं पर एसएसबी लगातार नजर रख रही है. अधिकारियों के अनुसार ऐसे मामलों में स्थानीय स्तर पर भी जागरूकता बढ़ाई जा रही है.


41.87 किलो मादक पदार्थ भी बरामद

एसएसबी की कार्रवाई केवल नकली मुद्रा और मानव तस्करी तक सीमित नहीं रही. बल ने अलग-अलग अभियानों में 136 तस्करों को गिरफ्तार किया और कुल 41.87 किलोग्राम मादक पदार्थ जब्त किए. सीमा पर तस्करी रोकने के लिए जवानों की निगरानी और जांच लगातार जारी है. एसएसबी भारत-नेपाल और भारत-भूटान सीमा की सुरक्षा के अलावा नक्सल विरोधी अभियान, आंतरिक सुरक्षा, चुनाव, अमरनाथ यात्रा और आपदा के समय राहत-बचाव कार्यों में भी जिम्मेदारी निभाती है. अधिकारियों ने कहा कि सुरक्षा के साथ सामाजिक जिम्मेदारियों पर भी जोर दिया जा रहा है.

बेहतर सेवा के लिए जवानों को सम्मान

आईजी अमित कुमार ने बताया कि सीमांत मुख्यालय के 18 अधिकारियों और कर्मचारियों को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए महानिदेशक गोल्डन और सिल्वर डिस्क से सम्मानित किया गया है. वहीं 11 कर्मियों को महानिदेशक प्रशस्ति पत्र दिया गया. एसएसबी सीमावर्ती इलाकों में चिकित्सा शिविर, पशु चिकित्सा शिविर और कौशल विकास कार्यक्रम भी आयोजित कर रही है. इसके साथ ही ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं की जानकारी देने और जरूरी सेवाओं तक उनकी पहुंच बढ़ाने का काम किया जा रहा है. अधिकारियों का कहना है कि सीमा सुरक्षा के साथ स्थानीय लोगों का भरोसा मजबूत करना भी बल की प्राथमिकता है.