एसी की ठंडी हवा बढ़ा रही है आपकी परेशानी! घंटों बैठने से अकड़न, दर्द और थकान, जानें बचाव के आसान उपाय
गर्मी के मौसम में एयर कंडीशनर लोगों को राहत जरूर देता है, लेकिन लंबे समय तक एसी में रहना शरीर के लिए कई परेशानियां भी खड़ी कर सकता है.
नई दिल्ली: गर्मी के मौसम में एयर कंडीशनर लोगों को राहत जरूर देता है, लेकिन लंबे समय तक एसी में रहना शरीर के लिए कई परेशानियां भी खड़ी कर सकता है. अक्सर लोग शिकायत करते हैं कि घंटों एसी में बैठने के बाद शरीर भारी लगने लगता है, मांसपेशियों में जकड़न महसूस होती है या पीठ और गर्दन में दर्द शुरू हो जाता है. कई बार लोग इसे सामान्य थकान समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, जबकि इसके पीछे एसी की ठंडी और सूखी हवा बड़ा कारण हो सकती है.
आजकल ऑफिस से लेकर घर तक ज्यादातर समय लोग एयर कंडीशनर वाले माहौल में बिताते हैं. विशेषज्ञों के मुताबिक एसी से निकलने वाली ठंडी हवा शरीर को आराम तो देती है, लेकिन यह शरीर की नमी कम करने लगती है. लगातार ठंडे वातावरण में बैठे रहने और शरीर की गतिविधियां कम होने से मांसपेशियों में खिंचाव और दर्द की समस्या बढ़ सकती है.
एसी में बैठने से क्यों बढ़ती है अकड़न?
विशेषज्ञ बताते हैं कि लंबे समय तक एयर कंडीशनर वाले कमरे में रहने से शरीर का तापमान प्रभावित होता है. ठंडी हवा के कारण मांसपेशियों तक ब्लड फ्लो धीमा पड़ने लगता है, जिससे उनमें कसाव आने लगता है.
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यही वजह है कि कई लोगों को गर्दन, पीठ, कंधों और जोड़ों में दर्द महसूस होने लगता है. खासकर जो लोग लगातार एक ही जगह बैठकर काम करते हैं, उनमें यह समस्या ज्यादा देखने को मिलती है.
शरीर में पानी की कमी भी है बड़ी वजह
एसी की हवा वातावरण को ड्राई बना देती है, जिससे शरीर धीरे-धीरे डिहाइड्रेट होने लगता है. परेशानी की बात यह है कि ठंडे माहौल में प्यास कम लगती है, इसलिए लोग पर्याप्त पानी नहीं पीते. शरीर में पानी की कमी होने पर मांसपेशियां जल्दी अकड़ने लगती हैं और थकान भी महसूस होती है.
इन आसान तरीकों से करें बचाव
अगर आपको लंबे समय तक एसी में रहना पड़ता है, तो कुछ बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है. एसी का तापमान 24 से 26 डिग्री के बीच रखें और सीधे ठंडी हवा के सामने बैठने से बचें. दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें ताकि शरीर हाइड्रेट रहे. इसके अलावा हर एक घंटे में थोड़ा चलें-फिरें या हल्की स्ट्रेचिंग करें. सही पोस्चर में बैठना भी बहुत जरूरी है, क्योंकि गलत तरीके से बैठने पर दर्द और ज्यादा बढ़ सकता है.