'महिलाओं को पिटते देख सकते है लेकिन किस करते नहीं...' इंटीमेसी को लेकर आखिर क्यों भड़क गईं जोया अख्तर?
बेहतरीन फिल्ममेकर जोया अख्तर (Zoya Akhtar) अभी हाल ही में एक इवेंट में दिखाई दी थी जहां उन्होंने लव, लिटरेचर, सिनेमा पर अपनी राय रखते हुए ऐसा बयान दिया जिसकी अब काफी चर्चा हो रही है. इसके साथ ही सेंसरशिप के बारे में भी बात की है.
बेहतरीन फिल्ममेकर जोया अख्तर (Zoya Akhtar) अभी हाल ही में एक इवेंट में शामिल हुई थी. जहां एक्सप्रेसो इवेंट में हुआ था. इस दौरान जोया ने सेंसरशिप पर अपने विचार खुलकर रखें और साथ ही समाज के दोगलेपन का सच दिखाया. जोया ने लव, लिटरेचर, सिनेमा पर अपनी राय रखते हुए ऐसा बयान दिया जिसकी चर्चा हो रही है. इसके साथ ही सेंसरशिप के बारे में भी बात की है.
जोया ने हाल ही में 'आर्चीज' के साथ कई स्टार किड को लॉन्च किया जिसमें सुहाना खान, खुशी कपूर और आगस्त्य नंदा का नाम शामिल है. जोया ने फिजिकल इंटीमेसी पर बात करते हुए कहा- 'मुझे लगता है कि अगर कोई इसके लिए राजी है तो जरूर दिखाना चाहिए क्योंकि मैं ऐसे समय में बड़ी हुई, जब हिंदी सिनेमा पर महिलाओं को पिटते हुए, उन्हें परेशान करते हुए और उनका यौन शोषण होते हुए दिखाया जाता था. इन सब को देखने के लिए परमिशन थी इसके लिे सेंसरबोर्ड की कैंचिया नहीं चलती थी लेकिन एक किस को आप स्क्रीन पर नहीं दिखा सकते हैं.'
जोया ने कही ये बात
जोया ने कहा कि 'हर फिल्म की अपनी एक कहानी होती हैं और उसको बड़े पर्दे पर दिखाने का तरीका अलग होता है. लेकिन रमेश सिप्पी की फिल्म 'शोले' की बात करें तो उसमें महिलाओं पर हिंसा को लेकर जो कहानी दिखाई गई वो उस समय से काफी आगे की थी. ये सब वो है कि आप लोगों को क्या दिखाना चाहते हैं. कल्चरल डिफरेंस की बात करें तो फ्रंच अमेरिकन न्यूडिटी में काफी ज्यादा आगे है. बस बात इतनी सी है कि आप सेक्स और बॉडी को किस तरह से देखते हो.'
जोया के वर्कफ्रंट की बात करें तो इन्होंने कई बेहतरीन फिल्मों का डायरेक्शन किया हैं जिसमें 'गली बॉय', 'जिंदगी ना मिलेगी दोबारा', 'दिल धड़कने दो', 'द आर्चीज' और 'लक बाय चांस' जैसी फिल्में शामिल हैं. इन सभी फिल्मों ने बॉक्स ऑफिस पर शानदार कमाई की है.