सौतेले बेटे सनी देओल की फिल्म 'बंटवारा 1947' को देखकर क्या बोलीं हेमा मालिनी? शेयर किया पोस्ट
हेमा मालिनी ने सौतेले बेटे सनी देओल की फिल्म 'बंटवारा 1947' की जमकर तारीफ की है. बीजेपी सांसद और अनुभवी अभिनेत्री ने कहा कि इस फिल्म का संदेश आज के समय में बहुत जरूरी है.
Hema Malini Reviews Batwara 1947: हेमा मालिनी ने सौतेले बेटे सनी देओल की फिल्म 'बंटवारा 1947' की जमकर तारीफ की है. बीजेपी सांसद और अनुभवी अभिनेत्री ने कहा कि इस फिल्म का संदेश आज के समय में बहुत जरूरी है. फिल्म इंसानियत, आपसी सम्मान और सद्भाव की बात करती है. हेमा मालिनी का मानना है कि नफरत और बंटवारे से कहीं ज्यादा महत्वपूर्ण है एक-दूसरे के प्रति प्यार और समझदारी रखना.
सनी देओल की बंटवारा 1947 को देखकर क्या बोलीं हेमा मालिनी?
उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि उन्होंने कल 'बंटवारा 1947' फिल्म देखी. फिल्म बहुत शानदार है और इसमें साफ संदेश है जो देश को आज चाहिए. हेमा मालिनी ने उम्मीद जताई कि फिल्म का सुंदर मैसेज लोगों के सोचने का तरीका बदलेगा और वे नफरत की जगह दया और सद्भाव चुनेंगे.
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फिल्म के निर्देशक राजकुमार संतोषी की तारीफ करते हुए हेमा मालिनी ने कहा कि उनका निर्देशन बेहतरीन है. सनी देओल और शबाना आजमी ने शानदार अभिनय किया है. करण देओल और प्रीति जिंटा ने भी अच्छी परफॉर्मेंस दी है. उन्होंने आमिर खान को बधाई दी कि उन्होंने इतनी महत्वपूर्ण और कालजयी फिल्म बनाई है जिसका संदेश आज की जरूरत है.
धमेंद्र के निधन के बाद कई लोगों को लगता था कि हेमा मालिनी और उनके सौतेले बेटों सनी व बॉबी देओल के बीच रिश्ते कैसे होंगे. लेकिन हेमा मालिनी की इस तारीफ से लगता है कि परिवार में सब ठीक-ठाक है और सद्भाव बना हुआ है.
'बंटवारा 1947' को आलोचकों और दर्शकों से मिले-जुले से सकारात्मक रिव्यू मिले हैं. फिल्म का संदेश और अभिनय की तारीफ हो रही है. लेकिन बॉक्स ऑफिस पर फिल्म की शुरुआत कमजोर रही. पहले वीकेंड में फिल्म ने भारत में करीब 26.50 करोड़ रुपये नेट कमाए. फिल्म का बजट करीब 120 करोड़ रुपये बताया जा रहा है. ऐसे में पहले वीकेंड का कलेक्शन उम्मीद से कम है. अब हफ्ते के दिनों में फिल्म को अच्छा कारोबार करने की जरूरत है ताकि नुकसान की भरपाई हो सके.
कुल मिलाकर 'बंटवारा 1947' एक ऐसी फिल्म है जो मनोरंजन के साथ-साथ सामाजिक संदेश भी देती है. हेमा मालिनी जैसी दिग्गज अभिनेत्री की तारीफ से फिल्म को और ध्यान मिलने की उम्मीद है. दर्शक अगर फिल्म देखें तो न सिर्फ कहानी का आनंद लेंगे बल्कि इंसानियत का महत्व भी समझ पाएंगे.