सुशांत सिंह राजपूत को याद कर छलका बहन श्वेता का दर्द, बोलीं- 'भाई हमेशा जिंदा रहेंगे'

दिवंगत एक्टर सुशांत सिंह राजपूत की छठी पुण्यतिथि पर उनकी बहन श्वेता सिंह कीर्ति ने एक भावुक पोस्ट साझा कर उन्हें याद किया. उन्होंने कहा कि सुशांत भले ही शारीरिक रूप से हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनके विचार, सपने और मूल्य आज भी लाखों लोगों को प्रेरित कर रहे हैं.

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Babli Rautela

बॉलीवुड के लोकप्रिय एक्टर सुशांत सिंह राजपूत की छठी पुण्यतिथि पर उनकी बहन श्वेता सिंह कीर्ति ने एक भावुक संदेश साझा कर उन्हें श्रद्धांजलि दी. 14 जून 2026 को साझा की गई इस पोस्ट में श्वेता ने अपने भाई की यादों, उनके व्यक्तित्व और उन मूल्यों को याद किया जिन्होंने लाखों लोगों के दिलों को छुआ था. श्वेता ने सोशल मीडिया पर कई तस्वीरें साझा कीं, जिनमें भगवान राम के रूप में सुशांत की एक एआई जनरेटेड तस्वीर भी शामिल थी. पोस्ट के साथ उन्होंने अपने भाई के जीवन और उनके विचारों को याद करते हुए भावनात्मक शब्द लिखे.

सुशांत के जाने के नहीं, जीने के तरीके को याद करती हैं श्वेता

श्वेता ने अपने संदेश में कहा कि वह सुशांत के निधन के तरीके को याद करने के बजाय उनके जीवन को याद करना पसंद करती हैं. उन्होंने लिखा कि उन्हें आज भी अपने भाई की बच्चों जैसी जिज्ञासा, ब्रह्मांड और तारों के प्रति उनका आकर्षण तथा जीवन के रहस्यों को जानने की उनकी इच्छा याद आती है. उन्होंने बताया कि सुशांत हर व्यक्ति के साथ सम्मान और विनम्रता से पेश आते थे. उनके लिए किसी व्यक्ति की पहचान या स्थिति से अधिक उसका इंसान होना मायने रखता था. यही गुण उन्हें लाखों लोगों के बीच खास बनाते थे.


सफलता से ज्यादा दयालुता को देते थे महत्व

श्वेता ने कहा कि सुशांत ने हमेशा सिखाया कि केवल सफलता हासिल करना ही जीवन का उद्देश्य नहीं होना चाहिए. यदि सफलता के साथ दयालुता और संवेदनशीलता न हो, तो उसका महत्व अधूरा रह जाता है. उनके अनुसार, सुशांत का जीवन इस बात का उदाहरण था कि बड़े सपने देखने के साथ-साथ जमीन से जुड़े रहना भी उतना ही जरूरी है. यही कारण है कि आज भी उनके विचार और व्यक्तित्व लोगों को प्रेरित करते हैं.

अपनी पोस्ट में श्वेता ने लिखा कि समय के साथ उन्होंने एक महत्वपूर्ण बात सीखी है कि प्यार कभी समय की सीमाओं में नहीं बंधता. किसी व्यक्ति का शरीर भले ही दुनिया से चला जाए, लेकिन उसकी आत्मा और उसके विचार लोगों के जीवन में हमेशा बने रहते हैं. उन्होंने कहा कि जब भी कोई व्यक्ति गुस्से की जगह दयालुता चुनता है, निराशा की जगह उम्मीद को अपनाता है या किसी को जज करने के बजाय उसे समझने की कोशिश करता है, तब सुशांत के विचारों का एक हिस्सा जीवित रहता है.

भाई हमेशा लोगों के दिलों में रहेंगे

श्वेता सिंह कीर्ति ने कहा कि सुशांत को सच्ची श्रद्धांजलि केवल उन्हें याद करना नहीं है, बल्कि उनके जीवन मूल्यों को अपनाना है. उन्होंने लोगों से हमेशा सीखते रहने, बड़े सपने देखने, दयालु बने रहने और अपने दिल को कठोर न होने देने की अपील की. उन्होंने भावुक अंदाज में लिखा कि किसी व्यक्ति की अहमियत इस बात से नहीं मापी जाती कि उसने कितने साल जिए, बल्कि इस बात से तय होती है कि उसने कितने लोगों के दिलों को छुआ. इस पैमाने पर देखें तो सुशांत हमेशा लोगों के बीच जीवित रहेंगे और आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करते रहेंगे.

साल 2020 में 34 वर्ष की उम्र में सुशांत सिंह राजपूत के निधन की खबर ने पूरे देश को झकझोर दिया था. छह साल बाद भी उनके प्रशंसक उन्हें उतनी ही शिद्दत से याद करते हैं. फिल्मों, विज्ञान, अंतरिक्ष और ज्ञान के प्रति उनका जुनून आज भी युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बना हुआ है. उनकी बहन की यह भावुक पोस्ट एक बार फिर उन यादों को ताजा कर गई, जिन्होंने सुशांत को सिर्फ एक एक्टर नहीं, बल्कि एक प्रेरणादायक व्यक्तित्व के रूप में लोगों के दिलों में अमर बना दिया.