केदारनाथ के मंसूर खान से एम एस धोनी तक... सुशांत सिंह राजपूत के ये किरदार भुलाए नहीं भूल पाएंगे आप

आज 21 जनवरी को बॉलीवुड एक्टर सुशांत सिंह राजपूत की बर्थ एनिवर्सरी है. कम समय में अपनी मेहनत और अभिनय से उन्होंने सिनेमा में गहरी पहचान बनाई. उनके निभाए किरदार आज भी लोगों के दिलों में जिंदा हैं.

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Babli Rautela

मुंबई: बॉलीवुड एक्टर सुशांत सिंह राजपूत उन कलाकारों में गिने जाते हैं जिन्होंने बहुत कम समय में अपनी अलग पहचान बनाई. 21 जनवरी 1986 को जन्मे सुशांत ने टीवी से लेकर बड़े पर्दे तक अपने अभिनय का लोहा मनवाया. फिल्मों में उनके किरदार सिर्फ अभिनय नहीं थे बल्कि जिंदगी के कई रंग दिखाते थे. कभी वह बागी बने, कभी पिता की जिम्मेदारी निभाई, तो कभी प्यार से डरे हुए युवक के रूप में नजर आए. उनकी बर्थ एनिवर्सरी पर उनके यादगार किरदारों को याद करना जरूरी है.

फिल्म दिल बेचारा में सुशांत सिंह राजपूत ने मन्नी का रोल निभाया. मन्नी एक कैंसर सर्वाइवर होता है लेकिन फिर भी जिंदगी को मुस्कान के साथ जीता है. वह किज्जी के जीवन में उम्मीद की रोशनी बनकर आता है. यह किरदार दर्शकों को सिखाता है कि मुश्किल हालात में भी खुश रहना सीखा जा सकता है. मन्नी के रूप में सुशांत का शांत और सच्चा अभिनय लोगों को गहराई से छू गया.

सोन चिरैया के लखना की मासूमियत

सोन चिरैया में लखना का किरदार बिल्कुल अलग था. वह एक बागी है लेकिन दिल से बेहद नरम इंसान. लखना बागी जीवन से बाहर निकलना चाहता है और एक बच्ची की मदद के लिए अपनी जान तक जोखिम में डाल देता है. इस रोल में सुशांत ने यह दिखाया कि ताकत के साथ इंसानियत होना कितना जरूरी है.

छिछोरे के अनिरुद्ध पाठक

छिछोरे में अनिरुद्ध पाठक का किरदार हर उम्र के दर्शकों से जुड़ गया. वह कॉलेज के दिनों में असफल कहलाता है लेकिन जिंदगी में हार नहीं मानता. पिता बनने के बाद वह अपने बेटे को सिखाता है कि असफलता अंत नहीं होती. यह किरदार युवाओं को आत्मविश्वास और हिम्मत का संदेश देता है.

ड्राइव में एक्शन और स्टाइल

फिल्म ड्राइव में सुशांत इमरान कुरैशी बने. वह एक स्टंट ड्राइवर और चोर का रोल निभाते हैं. इस फिल्म में उनके एक्शन सीन और स्टाइल को काफी पसंद किया गया. यह किरदार उनके अभिनय के अलग रंग को दिखाता है.

केदारनाथ के मंसूर खान

केदारनाथ में मंसूर खान का किरदार बेहद भावुक था. वह एक पहाड़ी गाइड होता है जो श्रद्धालुओं की मदद करता है. उसे एक अलग समाज की लड़की से प्यार हो जाता है. बाढ़ के दौरान वह अपनी जान देकर उसके जीवन को बचाने की कोशिश करता है. इस किरदार ने सुशांत को एक संवेदनशील अभिनेता के रूप में स्थापित किया.

राब्ता में दो अलग जीवन

राब्ता में सुशांत ने दो किरदार निभाए. शिव कक्कड़ और जीलान. शिव आज के दौर का खुशमिजाज युवक है जबकि जीलान पुराने युग का योद्धा. दोनों किरदारों में प्यार और वफादारी की भावना साफ नजर आती है.

एम एस धोनी बनकर इतिहास रचा

एम एस धोनी द अनटोल्ड स्टोरी में सुशांत ने क्रिकेटर के जीवन को पर्दे पर उतारा. बचपन से कप्तान बनने तक के सफर को उन्होंने इतनी सच्चाई से निभाया कि दर्शकों को लगा जैसे धोनी खुद स्क्रीन पर हों. इस फिल्म ने उनके करियर को नई ऊंचाई दी.

पीके में सरफराज यूसुफ

पीके में उनका रोल छोटा था लेकिन असरदार. सरफराज यूसुफ का शांत और सच्चा स्वभाव लोगों को पसंद आया. इस किरदार में सुशांत ने सादगी से दिल जीता.

काई पो छे और शुद्ध देसी रोमांस

काई पो छे में ईशान भट्ट का जुनूनी किरदार उनके करियर की मजबूत शुरुआत बना. वहीं शुद्ध देसी रोमांस में रघु राम के रूप में वह शादी से डरने वाले युवक बने. शादी के मंडप से भागने वाला यह किरदार आज के युवाओं से जुड़ा हुआ था.