आधी उम्र के एक्टर्स से मुकाबले का कोई मतलब नहीं... 65 की उम्र में Suniel Shetty ने बताया कैसे आज भी हैं बॉलीवुड में Relevant
65 साल के Suniel Shetty ने बताया कि उम्र बढ़ने के साथ काम को लेकर उनकी सोच बदली है. अब वह पैसों के बजाय बेहतर किरदार चुनते हैं और उम्र के मुताबिक भूमिकाएं निभाने को प्राथमिकता देते हैं.
Suniel Shetty ने अपने करियर और बदलती सोच पर खुलकर बात की है. अभिनेता का कहना है कि पहले परिवार को बेहतर जिंदगी देने के लिए वह पैसे को प्राथमिकता देते थे लेकिन अब उनकी सोच बदल चुकी है. वह अपनी उम्र को स्वीकार करते हैं और मानते हैं कि खुद से आधी उम्र के कलाकारों से मुकाबला करने के बजाय अपनी उम्र के हिसाब से किरदार चुनना ज्यादा सही है.
उम्र के मुताबिक रोल चुनना बना कामयाबी का राज
Suniel Shetty का मानना है कि पर्दे पर अपनी उम्र को स्वीकार करना ही उनके लगातार काम मिलने की बड़ी वजह है. उन्होंने कहा कि खुद से आधी उम्र के कलाकारों से मुकाबला करने का कोई फायदा नहीं. उन्होंने कहा कि वे ज्यादा युवा और अपने काम में माहिर हैं. अभिनेता अब ऐसे किरदार चुनते हैं जो उनकी उम्र और अनुभव के अनुरूप हों. उनका कहना है कि उन्होंने पति, बेटे, पिता और दादा जैसी जिंदगी की जिम्मेदारियों को भी सहजता से अपनाया है. शरीर में आए बदलावों को लेकर भी वह शर्मिंदा नहीं हैं और लगातार खुद पर काम करते रहते हैं.
सही लोगों के साथ जुड़ने पर भरोसा
अभिनेता ने यह भी बताया कि वह हर प्रोजेक्ट का हिस्सा बनने के लिए तैयार नहीं रहते. उनके मुताबिक, कम उपलब्ध रहना और केवल ऐसे लोगों के साथ काम करना जिन्होंने उन्हें आगे बढ़ने में मदद की, उनकी पहचान बनाए रखने में अहम रहा है. Suniel Shetty ने अपनी जिंदगी की गलतियों और असफलताओं को भी खुले तौर पर स्वीकार करने की बात कही. वह खुद को खुश, संतुष्ट और सुरक्षित महसूस करते हैं. हाल में वह Welcome To The Jungle में नजर आए थे और अब Tiger Shroff के साथ एक एक्शन फिल्म को लेकर भी चर्चा में हैं.
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90s की मर्दानगी से आज के एक्शन तक बदला सिनेमा
90 के दशक में मजबूत और दमदार हीरो के रूप में पहचान बनाने वाले Suniel Shetty का मानना है कि फिल्मों में मर्दानगी की तस्वीर अब बदल गई है. उनके अनुसार उस दौर के किरदार देश, परिवार, मां और बहन के लिए खड़े होने वाले नायकों पर आधारित होते थे. आज की फिल्मों में हिंसा और खून-खराबा ज्यादा दिखाया जाता है, मेकर्स कहानी को अधिक वास्तविक बनाने की कोशिश करते हैं.