फिल्में नहीं चलतीं तो क्या बनती सोनाली बेंद्रे? पिता के सामने रखी थी ऐसी शर्त
सोनाली बेंद्रे का जन्मदिन केवल एक स्टार के सफर की कहानी नहीं है बल्कि उस जिद और धैर्य का परफेक्ट एग्जांपल है जिसमें एक साधारण परिवार की बेटी ने अभिनय के साथ साथ एक मजबूत भविष्य भी तैयार रखा था.
मुंबई: हिंदी सिनेमा की जानी मानी एक्ट्रेस सोनाली बेंद्रे आज अपना 51वां जन्मदिन मना रही हैं. मुंबई में 1 जनवरी 1975 को जन्मीं सोनाली बेंद्रे नब्बे के दशक की उन एक्ट्रेसेस में रहीं जिन्होंने खूबसूरती के साथ साथ सादगी और दमदार मौजूदगी से दर्शकों के दिल जीते. बड़े पर्दे पर उनकी मुस्कान और आत्मविश्वास आज भी लोगों को याद है.
सोनाली बेंद्रे का परिवार फिल्म इंडस्ट्री से जुड़ा हुआ नहीं था. उनके घर में कोई भी सिनेमा से संबंधित नहीं था. ऐसे माहौल में फिल्मी करियर चुनना आसान नहीं था. बावजूद इसके सोनाली ने अपने सपनों को गंभीरता से लिया. कॉलेज के दिनों में मॉडलिंग से उन्हें आत्मविश्वास मिला और यही आत्मविश्वास आगे चलकर उनके काम आया.
अभिनय के साथ रखा था दूसरा मजबूत विकल्प
सोनाली बेंद्रे ने अपने करियर को लेकर हमेशा एक बैकअप प्लान तैयार रखा था. जब उन्होंने अभिनय में कदम रखने का फैसला किया तब अपने पिता से साफ कहा था कि अगर तीन साल में सफलता नहीं मिली तो वह पढ़ाई पूरी कर आईएएस की तैयारी करेंगी. यह सोच बताती है कि वह सिर्फ किस्मत पर निर्भर नहीं रहना चाहती थीं.
साधारण परिवार की बेटी होने के कारण सोनाली के पिता स्वाभाविक रूप से परेशान थे. तब सोनाली ने उनसे सिर्फ तीन साल का समय मांगा था. उन्होंने भरोसा दिलाया कि अगर इस दौरान कुछ हासिल नहीं हुआ तो वह प्रशासनिक सेवा की तैयारी में लग जाएंगी. पिता ने बेटी के आत्मविश्वास को समझा और उन्हें अनुमति दी. यही फैसला आगे चलकर उनके जीवन का टर्निंग पॉइंट बना.
एक फिल्म ने बदल दी सोनाली बेंद्रे की किस्मत
सोनाली को सबसे पहले फिल्म राम का ऑफर मिला था लेकिन यह फिल्म बन नहीं सकी. इसके बाद साल 1994 में उन्हें फिल्म आग से डेब्यू करने का मौका मिला. इस फिल्म में वह गोविंदा के साथ नजर आईं. भले ही फिल्म ने बड़ी सफलता न पाई हो लेकिन सोनाली की मौजूदगी ने इंडस्ट्री का ध्यान खींचा.
साल 1995 में मणिरत्नम की फिल्म बॉम्बे के गीत हम्मा हम्मा ने सोनाली बेंद्रे को घर घर पहचान दिलाई. इस गीत में उनकी मासूमियत और स्क्रीन प्रेजेंस ने उन्हें रातों रात स्टार बना दिया. इसके बाद उनके करियर ने रफ्तार पकड़ ली और वह लगातार बड़े प्रोजेक्ट्स का हिस्सा बनने लगीं.
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