share--v1

ग्रैमी अवॉर्ड्स में भारतीयों का डंका, शंकर महादेवन समेत इन कलाकारों को मिला पुरस्कार

सोमवार 5 फरवरी को लॉस एंजेलिस के क्रिप्टो डॉट कॉम एरीना में 66वें ग्रैमी अवॉर्ड्स का आयोजन किया गया. ग्रैमी अवॉर्ड्स संगीत की दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित पुरस्कारों में से एक है.

auth-image
Sagar Bhardwaj
फॉलो करें:

दुनिया के सबसे सम्मानित म्यूजिक अवॉर्ड्स की सूची में शामिल ग्रैमी अवार्ड्स 2024 में भारतीयों का भी डंका बज रहा है. भारत के फ्यूजन बैंड 'शक्ति' को 'बेस्ट ग्लोबल म्यूजिक एल्बम' पुरस्कार से सम्मानित किया गया है. इस बैंड से शंकर महादेवन, जाकिर हुसैन, जॉन मैकलॉलिन, वी सेल्वागणेश और गणेश राजगोपालन जैसे नामी कलाकार जुड़े हुए हैं. इसके अलावा भारत के महान बांसुरी वादक राकेश चौरसिया को भी ग्रैमी पुरस्कार मिला है. ग्रैमी अवॉर्ड्स की घोषणा 5 फरवरी यानी सोमवार को लॉस एंजेलिस के क्रिप्टो डॉट कॉम एरीना में हुई.

'दिस मोमेंट' एल्बम ने जीता जूरी का दिल

शक्ति बैंड को उसके 'दिस मोमेंट' एल्बम के लिए ग्रैमी अवॉर्ड मिला है. 66वें ग्रैमी अवॉर्ड्स में 'दिस मोमेंट' एल्बम को बेस्ट ग्लोबल म्यूजिक एल्बम कैटेगिरी में विनर घोषित किया गया है. चौंकाने वाली बात ये हैं कि इस बैंड ने 45 साल बाद यह अपना पहला एल्बम रिलीज किया था जिसे सीधे ग्रैमी अवॉर्ड से सम्मानित किया गया.

आखिरी बार 2022 में भारत की झोली में आया था ये अवॉर्ड

बता दें कि इससे पहले आखिरी बार साल 2022 के ग्रैमी अवॉर्ड में भी भारत के हाथ दो पुरस्कार लगे थे. पी.ए. दीपक, रिक्की केज और स्टीवर्ट कोपलैंड के डिवाइन टाइड्स को बेस्ट न्यूज एज एल्बम की कैटेगिरी में सम्मानित किया गया था. वहीं भारतीय-अमेरिकी सिंगर फालू के एल्बम अ कलरफुल वर्ल्ड को बेस्ट चिल्ड्रेन्स एल्बम कैटेगिरी में ग्रैमी अवॉर्ड से सम्मानित किया गया था.

पहली बार किस भारतीय को मिला था ग्रैमी अवॉर्ड

भारत के मशहूर सितार वादक एवं संगीतकार स्वर्गीय पंडित रवि शंकर पहले भारतीय थे जिन्हें 1968 में ग्रैमी अवॉर्ड से सम्मानित किया गया था. पंडिर रविशंकर के साथ वेस्टर्न क्लासिकल म्यूजिक के कंडक्टर जुबिन मेहता ने भी 5 बार भारत के लिए ग्रैमी पुरस्कार जीता है.

यह भी देखें:

Also Read

First Published : 05 February 2024, 09:44 AM IST