मुंबई: बॉलीवुड एक्टर और आईपीएल फ्रेंचाइजी के मालिक शाहरुख खान एक बार फिर विवादों के केंद्र में आ गए हैं. मामला एक बांग्लादेशी खिलाड़ी को टीम में जगह देने की चर्चाओं से जुड़ा बताया जा रहा है. इसी मुद्दे पर कुछ हिंदूवादी संगठनों के बयान सामने आए, जिनमें भाषा और लहजा बेहद आपत्तिजनक बताया जा रहा है.
हाल के दिनों में सोशल मीडिया पर कई पोस्ट और वीडियो वायरल हुए, जिनमें शाहरुख खान के खिलाफ तीखी टिप्पणियां की गईं हैं. इसी तरह एक संगठन से जुड़े पदाधिकारी के कथित बयान ने हालात को और भड़का दिया है.
विवादित बयान अखिल भारतीय हिन्दू महासभा की आगरा इकाई से जुड़ी पदाधिकारी का है जिनका नाम मीरा राठौर है. उनका कहना है कि, ''जो भी शाहरुख की जीभ काटकर लाएगा उसे एक लाख रुपये इनाम देंगे''. बयान सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं. कई लोगों ने इसे खुले तौर पर हिंसा के लिए उकसाने वाला बताया और तत्काल कार्रवाई की मांग की. सोशल मीडिया पर कुछ यूजर्स ने इस बयान की निंदा की, तो कुछ ने आलोचना और ट्रोलिंग के जरिए अपना रिएक्शन साझा किया है. कुल मिलाकर मामला तेजी से फैल गया और कानून व्यवस्था पर सवाल उठने लगे.
शाहरुख खान के फैंस ने इस बयान को शर्मनाक बताते हुए कड़ी आपत्ति जताई. कई लोगों ने कहा कि किसी भी कलाकार या नागरिक के खिलाफ इस तरह की भाषा स्वीकार्य नहीं हो सकती. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर सेफ्टी और जिम्मेदार अभिव्यक्ति को लेकर बहस तेज हो गई. कुछ यूजर्स ने यह भी कहा कि विवादित बयान देने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठाए जाने चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोहराई न जाएं.
मामले के तूल पकड़ने के बीच भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने आईपीएल से जुड़े सवालों पर अपना रुख स्पष्ट किया. बोर्ड का कहना है कि किसी विदेशी खिलाड़ी को आईपीएल में खेलने की अनुमति सरकार की नीति और दिशा निर्देशों पर निर्भर करती है. बीसीसीआई के मुताबिक यह फैसला बोर्ड के स्तर पर नहीं बल्कि सरकार के नियमों के तहत होता है. ऐसे में किसी भी तरह की अटकलों से बचने की सलाह दी गई है.
शाहरुख खान आईपीएल टीम कोलकाता नाइट राइडर्स के सह मालिक हैं. टीम की देशभर में बड़ी फैन फॉलोइंग है और स्टेडियम में इसका जोश साफ नजर आता है. केकेआर अब तक दो बार आईपीएल का खिताब जीत चुकी है, जिससे टीम और उसके मालिक चर्चा में रहते हैं.