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Sameer Wankhede Plea: 'केस मुंबई की जगह दिल्ली में क्यों', बैड्स ऑफ बॉलीवुड को लेकर समीर वानखड़े को हाईकोर्ट से तगड़ा झटका

दिल्ली हाईकोर्ट ने नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के पूर्व डायरेक्टर समीर वानखेड़े की ओर से शाहरुख खान, उनकी पत्नी गौरी खान और उनकी प्रोडक्शन कंपनी रेड चिलीज एंटरटेनमेंट के खिलाफ दायर मानहानि याचिका पर सुनवाई की. इस दौरान कोर्ट ने याचिका की वैधता पर सवाल उठाए और पूछा कि यह मामला दिल्ली में क्यों दायर किया गया, जबकि इसका संबंध मुंबई से है.

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Edited By: Antima Pal
Sameer Wankhede Plea: 'केस मुंबई की जगह दिल्ली में क्यों', बैड्स ऑफ बॉलीवुड को लेकर समीर वानखड़े को हाईकोर्ट से तगड़ा झटका
Courtesy: social media

Sameer Wankhede Plea: दिल्ली हाईकोर्ट ने नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के पूर्व डायरेक्टर समीर वानखेड़े की ओर से शाहरुख खान, उनकी पत्नी गौरी खान और उनकी प्रोडक्शन कंपनी रेड चिलीज एंटरटेनमेंट के खिलाफ दायर मानहानि याचिका पर सुनवाई की. इस दौरान कोर्ट ने याचिका की वैधता पर सवाल उठाए और पूछा कि यह मामला दिल्ली में क्यों दायर किया गया, जबकि इसका संबंध मुंबई से है.

जस्टिस कौवर ने सुनवाई के दौरान कहा, 'यह याचिका दिल्ली में क्यों दायर की गई?' कोर्ट ने वानखेड़े को निर्देश दिया कि वे अपनी याचिका में संशोधन करें और यह स्पष्ट करें कि यह मामला दिल्ली हाईकोर्ट के अधिकार क्षेत्र में क्यों आता है. कोर्ट ने इस बात पर भी जोर दिया कि याचिका की सुनवाई से पहले इसके दायर करने की वजह को ठोस रूप से स्थापित करना जरूरी है.

समीर वानखड़े को हाईकोर्ट से तगड़ा झटका

यह मामला आर्यन खान की पहली वेब सीरीज 'द बास्टर्ड्स ऑफ बॉलीवुड' से जुड़ा है. समीर वानखेड़े का दावा है कि इस सीरीज में उनके खिलाफ गलत, दुर्भावनापूर्ण और मानहानिकारक सामग्री दिखाई गई है. वानखेड़े का कहना है कि यह कंटेंट उनकी छवि को नुकसान पहुंचाने वाला है. याचिका में उन्होंने रेड चिलीज और शाहरुख-गौरी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है.

वानखेड़े का नाम उस समय चर्चा में आया था, जब 2021 में आर्यन खान को क्रूज ड्रग्स मामले में गिरफ्तार किया गया था. बाद में आर्यन को इस मामले में क्लीन चिट मिल गई थी. अब वानखेड़े का दावा है कि आर्यन की सीरीज में उनके खिलाफ गलत तरीके से चित्रण किया गया है, जो उनकी प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचा सकता है. कोर्ट ने इस मामले की अगली सुनवाई के लिए वानखेड़े को अपनी याचिका में जरूरी बदलाव करने का समय दिया है.