menu-icon
India Daily

बेटी ज़ुनेरा संग केरल पहुंचीं ऋचा चड्ढा, मंदिर को दिया ऐसा खास तोहफा कि हर कोई कर रहा तारीफ

ऋचा चड्ढा ने बेटी ज़ुनेरा के साथ केरल के गुरुपुरम श्री महा विष्णु मंदिर में ओणम मनाया. इस खास मौके पर उन्होंने मंदिर को असली आकार का मैकेनिकल हाथी गुरुपुरम अर्जुनन भेंट किया और परंपरा के साथ पशु कल्याण का संदेश दिया.

babli
Edited By: Babli Rautela
बेटी ज़ुनेरा संग केरल पहुंचीं ऋचा चड्ढा, मंदिर को दिया ऐसा खास तोहफा कि हर कोई कर रहा तारीफ
Courtesy: Instagram

मुंबई: एक्ट्रेस ऋचा चड्ढा ने इस साल केरल में अपनी बेटी ज़ुनेरा के साथ बेहद खास अंदाज में ओणम का त्योहार मनाया. ऋचा गुरुपुरम श्री महा विष्णु मंदिर पहुंचीं, जहां उन्होंने मंदिर को असली आकार का मैकेनिकल हाथी गुरुपुरम अर्जुनन भेंट किया. इस पहल के जरिए एक्ट्रेस ने परंपरा और पशु कल्याण के बीच संतुलन का संदेश दिया. ऋचा चड्ढा इस खास मौके पर अपनी बेटी को गोद में लिए नजर आईं. दोनों ने पारंपरिक परिधान पहना हुआ था. ऋचा ने सफेद और सुनहरे रंग की साड़ी पहनी थी, जबकि ज़ुनेरा ओणम की पारंपरिक पोशाक में बेहद प्यारी नजर आईं.

बेटी ज़ुनेरा के साथ मंदिर पहुंचीं ऋचा

ऋचा चड्ढा मंदिर में गुरुपुरम अर्जुनन के अनावरण समारोह का हिस्सा बनीं. इस दौरान मंदिर परिसर में पारंपरिक चेंडा मेलम की प्रस्तुति हुई और थिरुवाथिरा डांस भी पेश किया गया. त्योहार के माहौल में बड़ी संख्या में श्रद्धालु और स्थानीय लोग भी शामिल हुए. एक्ट्रेस ने अपनी बेटी के साथ इस खास अनुभव को लेकर खुशी जाहिर की. उन्होंने बताया कि ज़ुनेरा को त्योहारों के रंगों और परंपराओं के बीच देखना उनके लिए बेहद खास अनुभव था. उन्होंने अपनी बेटी के लिए खास ओणम ड्रेस भी तैयार करवाई थी. ऋचा का कहना है कि त्योहार और परंपराएं हमारी पहचान का अहम हिस्सा हैं और इन्हें आगे बढ़ाते समय दयालुता को भी महत्व दिया जाना चाहिए.

मैकेनिकल हाथी को लेकर क्या बोलीं ऋचा

ऋचा ने कहा कि हाथी बेहद शानदार और समझदार जीव होते हैं और उन्हें अपने प्राकृतिक वातावरण में दूसरे हाथियों के साथ स्वतंत्र रूप से रहने का अधिकार है. उनके मुताबिक, परंपराओं को कायम रखते हुए जानवरों के प्रति ज्यादा संवेदनशील और दयालु तरीके भी अपनाए जा सकते हैं. उन्होंने इस पहल को सिर्फ मंदिर को हाथी भेंट करने तक सीमित नहीं बताया. एक्ट्रेस ने कहा कि उनके लिए यह सांस्कृतिक उत्सव का हिस्सा बनने और समुदाय के साथ ओणम मनाने का अनुभव था. ऋचा ने कहा कि ओणम साथ रहने, खुशहाली, आभार और समुदाय की भावना का त्योहार है. ऐसे में त्योहार मनाने के दौरान दयालुता को भी जगह मिलनी चाहिए.

ऋचा ने मंदिर में मौजूद लोगों के साथ ओणम साध्या का आनंद भी लिया. उन्होंने कहा कि स्थानीय लोगों का प्यार और अपनापन इस पूरे अनुभव को और खास बना गया. इस समारोह में मंदिर के अध्यक्ष कुन्हीरमन अय्यंगव, महासचिव केके राम, कोषाध्यक्ष राजीवन्, केरल राज्य फार्म पुरस्कार 2026 की विजेता के सावित्री और बड़ी संख्या में श्रद्धालु भी मौजूद रहे. ऋचा की इस पहल को लेकर PETA इंडिया ने भी सोशल मीडिया पर जानकारी साझा की. एक्ट्रेस और संस्था की ओर से साझा की गई तस्वीरों में ऋचा अपनी बेटी के साथ मैकेनिकल हाथी के सामने नजर आईं.

परंपरा और दयालुता को साथ लेकर चलने का संदेश

ऋचा ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि ज्यादा लोग यह समझेंगे कि परंपरा और दयालुता एक-दूसरे के विरोधी नहीं हैं. त्योहारों को पूरे उत्साह से मनाते हुए भी ऐसे फैसले लिए जा सकते हैं जो जानवरों के प्रति अधिक संवेदनशील हों. उनके मुताबिक, इस पहल का उद्देश्य सिर्फ एक प्रतीकात्मक उपहार देना नहीं था, बल्कि त्योहार को एक ऐसे तरीके से मनाना था जिसमें संस्कृति के साथ करुणा का संदेश भी जुड़ा हो.