करियर के शुरुआती दिनों में डबिंग करने के अनुभव को याद करते हुए भावुक हुई रानी मुखर्जी; Video

करण जौहर के साथ बातचीत के दौरान रानी मुखर्जी 'कुछ कुछ होता है' की शूटिंग और डबिंग को याद करते हुए भावुक हो गईं. उन्होंने आदित्य चोपड़ा के समर्थन और करण जौहर के साथ खड़े रहने के बारे में बताया, जिससे दिग्गज अभिनेत्री अपनी सुरीली आवाज को याद करते हुए भावुक हो गईं.

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मुंबई: रानी मुखर्जी ने करण जौहर के साथ दिल छू लेने वाली बातचीत में अपने करियर के शुरुआती दिनों को याद किया और भावुक हो गईं. 'कुछ कुछ होता है' फिल्म की शूटिंग और डबिंग के किस्से सुनाते हुए उनकी आंखें नम हो गईं. यह पल बेहद इमोशनल था, जब रानी ने बताया कि कैसे आदित्य चोपड़ा और करण ने उनके आवाज पर भरोसा किया.

करियर के शुरुआती दिनों को याद कर भावुक हुई रानी मुखर्जी

रानी मुखर्जी ने बताया कि उनके डेब्यू फिल्म 'राजा की आएगी बारात' के बाद 'गुलाम' में उनकी आवाज को डब कर दिया गया था. उस समय कई लोगों को उनकी आवाज 'क्विंटेसेंशियल' यानी खास तरीके की लगती थी, जो फिल्म के लिए फिट नहीं मानी जाती थी. लेकिन 'कुछ कुछ होता है' में आदित्य चोपड़ा ने उनसे पूछा कि क्या उन्हें डबिंग में कोई समस्या है. रानी ने कहा- 'नहीं, मुझे कोई प्रॉब्लम नहीं है. मैंने अपनी पहली फिल्म भी खुद डब की है.'

उसके बाद आदित्य ने कहा कि उन्हें रानी की आवाज बहुत पसंद है और वे उनकी ही आवाज फिल्म में रखेंगे. यह सुनकर रानी भावुक हो गईं. उन्होंने आंसू पोछते हुए कहा- 'करण, तुम्हारी वजह से मैं अपनी आवाज को बचा पाई.' करण जौहर ने भी सहमति जताई और कहा कि रानी की आवाज बहुत खूबसूरत है. इस दौरान करण ने रानी को सपोर्ट किया, खड़े होकर उन्हें kiss blown किया और 'aww' कहकर प्यार जताया. यह बातचीत रानी के 30 साल के बॉलीवुड सफर का जश्न मनाने के दौरान हुई.

रानी ने बताया कि कैसे आदित्य और करण ने उनके कॉन्फिडेंस को बढ़ाया

'कुछ कुछ होता है' में रानी ने टीना का रोल किया था, जो फिल्म का दिल छूने वाला किरदार था. ब्लू स्क्रीन के सामने बैठकर बेबी अंजलि के साथ सीन शूट करने की यादें ताजा करते हुए रानी ने बताया कि कैसे आदित्य और करण ने उनके कॉन्फिडेंस को बढ़ाया. यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. फैंस रानी की ईमानदारी और इमोशंस की तारीफ कर रहे हैं. रानी ने बताया कि शुरुआती दिनों में आवाज को लेकर आलोचना होती थी, लेकिन करण और आदित्य जैसे लोगों के सपोर्ट से उन्होंने अपनी पहचान बनाई. आज भी उनकी आवाज उनकी सबसे बड़ी ताकत है, जो 'मर्दानी' सीरीज जैसी फिल्मों में सुनाई देती है.