फिल्म जगत के चर्चित अभिनेता प्रकाश राज के नाम से जुड़ा एक नया कानूनी मामला सामने आया है, जिसने राजनीतिक और कानूनी हलकों में चर्चा तेज कर दी है. बेंगलुरु की एक अदालत ने उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया है. यह कार्रवाई उस शिकायत के आधार पर हुई है जिसमें आरोप लगाया गया है कि उनके पास एक से अधिक राज्यों के मतदाता पहचान पत्र मौजूद हैं. अदालत के इस कदम के बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया है और अब सभी की नजरें आगे की कानूनी प्रक्रिया पर टिकी हैं.
यह मामला वर्ष 2019 में दर्ज कराई गई एक शिकायत से जुड़ा है. शिकायतकर्ता और अधिवक्ता दिलीप कुमार का आरोप है कि प्रकाश राज के नाम पर विभिन्न राज्यों में मतदाता पहचान पत्र दर्ज हैं. शिकायत में कर्नाटक, तमिलनाडु और तेलंगाना सहित कई स्थानों का उल्लेख किया गया है. शिकायतकर्ता का कहना है कि यदि जांच में यह आरोप सही पाया जाता है तो यह चुनावी नियमों के उल्लंघन की श्रेणी में आ सकता है. भारतीय चुनाव व्यवस्था के अनुसार किसी भी नागरिक का नाम केवल एक ही निर्वाचन क्षेत्र की मतदाता सूची में दर्ज होना चाहिए. इसी आधार पर मामले को गंभीर मानते हुए शिकायत दर्ज कराई गई थी और बाद में इसे अदालत तक ले जाया गया.
🚨 BIG! A non-bailable warrant has been issued against actor Prakash Raj after he FAILED to appear before the court despite two summons.
— Megh Updates 🚨™ (@MeghUpdates) June 23, 2026
The case relates to allegations of multiple voter IDs in Karnataka, Tamil Nadu and Telangana.
— Same Prakash Raj who was crying over 'vote… pic.twitter.com/221sLCpOlg
शिकायतकर्ता के अनुसार, प्रारंभिक शिकायत पुलिस के समक्ष दर्ज कराई गई थी, लेकिन लंबे समय तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई. इसके बाद उन्होंने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और चुनाव आयोग से भी संपर्क किया. उनका दावा है कि संबंधित संस्थाओं से संतोषजनक जवाब नहीं मिलने के कारण उन्हें न्यायालय का रुख करना पड़ा. अदालत में प्रस्तुत याचिका में मांग की गई कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यह स्पष्ट किया जाए कि क्या वास्तव में एक ही व्यक्ति के नाम पर विभिन्न राज्यों में मतदाता पंजीकरण मौजूद हैं. इसी प्रक्रिया के दौरान अदालत ने मामले की सुनवाई शुरू की और संबंधित पक्षों को नोटिस जारी किए.
अदालती रिकॉर्ड के अनुसार, प्रकाश राज को सुनवाई के लिए उपस्थित होने के निर्देश देते हुए समन भेजे गए थे. बताया जा रहा है कि उन्हें दो अलग-अलग अवसरों पर अदालत में उपस्थित होने के लिए कहा गया था. हालांकि, वे निर्धारित तारीखों पर पेश नहीं हुए. अदालत ने उनकी अनुपस्थिति को गंभीरता से लिया और बाद में गैर-जमानती वारंट जारी करने का फैसला किया. कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में अदालत का उद्देश्य संबंधित व्यक्ति की उपस्थिति सुनिश्चित करना होता है ताकि मामले की सुनवाई बाधित न हो. वारंट जारी होने के बाद अब इस मामले की कानूनी प्रक्रिया और अधिक महत्वपूर्ण हो गई है.
प्रकाश राज लंबे समय से भारतीय सिनेमा का जाना-पहचाना नाम रहे हैं और उन्होंने हिंदी तथा दक्षिण भारतीय फिल्मों में कई यादगार भूमिकाएं निभाई हैं. हालांकि, यह पहली बार नहीं है जब उनका नाम किसी विवाद के कारण सुर्खियों में आया हो. इस बीच उनके प्रशंसक उनकी आगामी फिल्मों का भी इंतजार कर रहे हैं. खबरों के अनुसार वह जल्द ही बहुचर्चित फिल्म ‘दृश्यम 3’ का हिस्सा बन सकते हैं. जहां एक ओर उनके पेशेवर जीवन को लेकर उत्साह बना हुआ है, वहीं दूसरी ओर यह कानूनी मामला उनके सामने नई चुनौती के रूप में खड़ा हो गया है. आने वाले दिनों में अदालत की अगली कार्यवाही इस पूरे मामले की दिशा तय कर सकती है.