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332 करोड़ की मालकिन... भूख से हुई मौत, 80s की इस बॉलीवुड एक्ट्रेस ने अमिताभ बच्चन पर कर दिया था केस

80 के दशक की सबसे ग्लैमरस एक्ट्रेस परवीन बॉबी की जिंदगी जितनी चमकदार दिखती थी उतनी ही दर्दनाक थी. करोड़ों की संपत्ति और सुपरस्टार स्टेटस होने के बावजूद उनका अंत बेहद अकेलेपन और बीमारी में हुआ था.

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Babli Rautela

मुंबई: परवीन बाबी का नाम 80 के दशक में खूबसूरती और बोल्ड अंदाज का प्रतीक था. उनकी स्क्रीन पर मौजूदगी इतनी मजबूत थी कि दर्शक उन्हें देखते ही रह जाते थे. वे उस दौर की सबसे खूबसूरत और आत्मविश्वासी महिलाओं में से एक थी.  लेकिन उनकी असली जिंदगी पर्दे से बिल्कुल अलग थी. जहां बाहर ग्लैमर था, वहीं अंदर अकेलापन, डर और मानसिक तनाव बढ़ता जा रहा था. यही विरोधाभास उनकी जिंदगी को एक रहस्य बना देता है.

परवीन बाबी ने अपने करियर की शुरुआत 1973 में फिल्म चरित्र से की थी. शुरुआत में ही उनके अलग अंदाज ने उन्हें भीड़ से अलग खड़ा कर दिया. वे पारंपरिक छवि से हटकर वेस्टर्न और ग्लैमरस रोल्स में नजर आईं, जो उस समय नया ट्रेंड था. करीब 15 साल के करियर में उन्होंने 50 से ज्यादा फिल्मों में काम किया. दीवार, नमक हलाल, काला पत्थर और अमर अकबर एंथनी जैसी फिल्मों ने उन्हें सुपरस्टार बना दिया.

बड़े सितारों के साथ बनाई हिट जोड़ी

परवीन बाबी ने उस दौर के लगभग हर बड़े स्टार के साथ काम किया. अमिताभ बच्चन, धर्मेंद्र, शशि कपूर, विनोद खन्ना और जीतेंद्र जैसे कलाकारों के साथ उनकी जोड़ी खूब पसंद की गई. उनकी पर्सनल लाइफ भी काफी चर्चा में रही. महेश भट्ट और डैनी डेन्जोंगपा के साथ उनके रिश्तों की खबरें अक्सर सुर्खियों में रहती थीं. बाद में महेश भट्ट ने खुद बताया कि परवीन मानसिक बीमारी से जूझ रही थीं, जिसने उनके करियर और रिश्तों को प्रभावित किया.

जब डर और शक ने बदल दी थी एक्ट्रेस की जिंदगी

जिंदगी के आखिरी दौर में परवीन बाबी की मानसिक हालत काफी खराब हो गई थी. उन्होंने कई चौंकाने वाले आरोप लगाने शुरू कर दिए थे. उन्होंने राजीव गांधी, रोनाल्ड रीगन और यहां तक कि अमिताभ बच्चन पर भी साजिश के आरोप लगाए थे.  उनका कहना था कि कुछ ताकतवर लोग उन्हें नुकसान पहुंचाना चाहते हैं. इन बातों ने इंडस्ट्री और फैंस दोनों को हैरान कर दिया. धीरे धीरे उन्होंने खुद को दुनिया से अलग कर लिया. उनका अकेलापन और डर लगातार बढ़ता गया.

रिपोर्ट्स के मुताबिक परवीन बाबी के पास करोड़ों की संपत्ति थी. लेकिन इसके बावजूद उनकी जिंदगी में जरूरी चीजों की कमी हो गई थी. न तो उनके पास सही इलाज था और न ही कोई ऐसा करीबी जो उनका ख्याल रख सके. यही कारण था कि उनका जीवन धीरे धीरे मुश्किल होता चला गया.

कई दिनों तक घर में पड़ी रही लाश

2005 में परवीन बाबी का निधन मुंबई के उनके फ्लैट में हुआ. सबसे दुखद बात यह थी कि उनकी मौत के बारे में कई दिनों तक किसी को पता नहीं चला. जब दरवाजा खोला गया तब उनकी लाश अंदर मिली. पोस्टमॉर्टम में डायबिटीज और भूख को मौत की वजह बताया गया. मीडिया रिपोर्ट्स में इसे भूख से हुई मौत तक कहा गया, जिसने पूरे देश को झकझोर दिया.