खुदा की राह पर निकले जावेद अख्तर? वायरल डीपफेक वीडियो पर हुए नाराज, कानूनी कार्रवाई की दी वार्निंग
जाने माने लेखक और गीतकार जावेद अख्तर का एक AI से बना फेक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है. वीडियो में दावा किया गया कि उन्होंने भगवान की शरण ले ली है. अख्तर ने इसे पूरी तरह झूठा बताते हुए साइबर पुलिस और कोर्ट का रुख करने की बात कही है.
मुंबई: मशहूर लेखक और गीतकार जावेद अख्तर इन दिनों सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक फेक वीडियो को लेकर चर्चा में हैं. इस वीडियो में उन्हें टोपी पहने हुए दिखाया गया है और दावा किया जा रहा है कि उन्होंने भगवान की शरण ले ली है. गुरुवार को X पर पोस्ट साझा करते हुए जावेद अख्तर ने साफ शब्दों में कहा कि यह वीडियो पूरी तरह फर्जी है और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से बनाया गया है.
अपने पोस्ट में जावेद अख्तर ने लिखा कि एक झूठा वीडियो सोशल मीडिया पर सर्कुलेट किया जा रहा है, जिसमें उनकी कंप्यूटर जनरेटेड तस्वीर का इस्तेमाल किया गया है. उन्होंने कहा कि इस वीडियो में जो दावा किया जा रहा है वह पूरी तरह बकवास है और इसका सच्चाई से कोई लेना देना नहीं है. उन्होंने आगे लिखा कि वह इस मामले को साइबर पुलिस के पास ले जाने पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं. इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि इस फेक वीडियो को बनाने वाले व्यक्ति और इसे आगे बढ़ाने वालों के खिलाफ वह कानूनी कार्रवाई करेंगे क्योंकि इससे उनकी प्रतिष्ठा और विश्वसनीयता को नुकसान पहुंचा है.
जावेद अख्तर का डीपफेक वायरल वीडियो
इस घटना ने एक बार फिर AI डीपफेक तकनीक के दुरुपयोग को लेकर चिंता बढ़ा दी है. बीते कुछ समय में कई मशहूर हस्तियों के फेक वीडियो और ऑडियो सोशल मीडिया पर सामने आए हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि तकनीक जितनी तेजी से आगे बढ़ रही है, उतनी ही तेजी से इसके गलत इस्तेमाल के मामले भी बढ़ रहे हैं. जावेद अख्तर का मामला इसलिए भी गंभीर माना जा रहा है क्योंकि यह केवल निजी छवि से जुड़ा नहीं है, बल्कि विचारधारा और विश्वास जैसे संवेदनशील विषयों को छूता है.
फैंस का रिएक्शन
जावेद अख्तर के पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर अलग अलग रिएक्शन की बाढ़ आ गई. कई यूजर्स ने उनके समर्थन में आवाज उठाई. एक यूजर ने लिखा कि सिर्फ टोपी पहन लेने से कोई धार्मिक नहीं हो जाता और इस तरह के वीडियो लोगों को गुमराह करते हैं. एक अन्य यूजर ने तंज कसते हुए लिखा कि जिसने यह वीडियो बनाया है, उसे खुद भगवान की ज्यादा जरूरत है, खासकर आने वाले कानूनी खर्चों से निपटने के लिए. वहीं कई लोगों ने AI डीपफेक को समाज के लिए खतरनाक बताते हुए जावेद अख्तर से सख्त कार्रवाई करने की अपील की.
कई सोशल मीडिया यूजर्स ने इस बात पर जोर दिया कि फेक न्यूज और डीपफेक कंटेंट आज की सबसे बड़ी बुराइयों में से एक बन चुकी हैं. लोगों का कहना है कि अगर समय रहते ऐसे मामलों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो आम जनता के लिए सच और झूठ में फर्क करना मुश्किल हो जाएगा. जावेद अख्तर के समर्थन में आए लोगों ने कहा कि इस तरह के मामलों को सामने लाना और इनके खिलाफ लड़ना जरूरी है ताकि दूसरों के लिए भी एक उदाहरण स्थापित हो सके.