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राम चरण की 'पेद्दी' फिल्म में जाहन्वी कपूर के किरदार पर विवाद, जानें क्यों भड़के फैंस?

विवाद और बढ़ गया जब जाहन्वी कपूर का एक पुराना पॉडकास्ट क्लिप फिर से वायरल हो गया. अप्रैल में राज शमानी के पॉडकास्ट में जाहन्वी ने खुद कहा था कि उन्हें ओवरसेक्शुअलाइजेशन पसंद नहीं है और बिना कंसेंट के किसी अभिनेत्री को इस तरह पेश करना गलत है.

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Antima Pal

Janhvi Kapoor Peddi Sparks: साउथ के सुपरस्टार राम चरण और बॉलीवुड अभिनेत्री जाहन्वी कपूर की फिल्म 'पेद्दी' 5 जून को रिलीज हुई है. रिलीज के पहले दिन ही फिल्म ने 100 करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई कर ली, जिससे बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचा हुआ है. राम चरण के परफॉर्मेंस की खूब तारीफ हो रही है, लेकिन जाहन्वी कपूर के किरदार ‘अच्छियम्मा’ को लेकर सोशल मीडिया पर भारी आलोचना चल रही है.

'पेद्दी' में जाहन्वी कपूर के किरदार पर विवाद

दर्शक और जाहन्वी के फैंस फिल्म में उनके किरदार को हाइपरसेक्शुअलाइज्ड और ऑब्जेक्टिफाई किए जाने का आरोप लगा रहे हैं. कई यूजर्स का कहना है कि अच्छियम्मा का किरदार कहानी में ज्यादा एजेंसी नहीं रखता. इसके बजाय उनके किरदार को ज्यादातर बॉडी शो के जरिए पेश किया गया है. सोशल मीडिया पर वायरल पोस्ट्स में लोग लिख रहे हैं कि 'हीरोइन को किरदार मिलना चाहिए था, लेकिन उन्हें सिर्फ वल्गर और ऑब्जेक्टिफाइंग सीन दिए गए.' 


एक यूजर ने लिखा- 'फिल्म में हीरो जब उनके चेहरे की तारीफ करता है तो कैमरा उनकी कमर और छाती पर फोकस करता है.' ऐसे कई सीन को लेकर डायरेक्टर बूची बाबू साना और राम चरण पर भी सवाल उठ रहे हैं. फैंस का मानना है कि जाहन्वी की खूबसूरती और बॉडी को गलत एंगल से दिखाया गया, जो किरदार की इज्जत नहीं करता. 

विवाद और बढ़ गया जब जाहन्वी कपूर का एक पुराना पॉडकास्ट क्लिप फिर से वायरल हो गया. अप्रैल में राज शमानी के पॉडकास्ट में जाहन्वी ने खुद कहा था कि उन्हें ओवरसेक्शुअलाइजेशन पसंद नहीं है और बिना कंसेंट के किसी अभिनेत्री को इस तरह पेश करना गलत है. अब लोग उसी इंटरव्यू को याद दिला रहे हैं और पूछ रहे हैं कि फिर इस फिल्म में उन्होंने ऐसा रोल क्यों स्वीकार किया.

एक वायरल पोस्ट में फिल्म को 'किसी एक्ट्रेस के लिए सबसे बड़ा अपमान' बताया गया. हैरानी की बात यह रही कि इस पोस्ट पर जाहन्वी ने लाइक भी किया था, हालांकि बाद में उन्होंने लाइक हटा लिया. इस घटना ने विवाद को और हवा दी. कई लोग फिल्म की सफलता की तारीफ करते हुए भी कह रहे हैं कि महिला किरदारों को अब सिर्फ ग्लैमर का माध्यम नहीं बनाया जाना चाहिए.