भारत के लिए झटका, ईशान खट्टर की 'होमबाउंड' ऑस्कर 2026 की रेस से बाहर, बेस्ट इंटरनेशनल फीचर फिल्म कैटेगरी में नहीं हुई नॉमिनेट

फिल्म 'होमबाउंड' ऑस्कर 2026 की बेस्ट इंटरनेशनल फीचर फिल्म कैटेगरी में नामांकन की रेस से बाहर हो गई है. यह फिल्म भारत की आधिकारिक एंट्री थी, लेकिन फाइनल नॉमिनेशन में जगह नहीं बना पाई. फिल्म में मुख्य भूमिकाओं में ईशान खट्टर और विशाल जेठवा नजर आए हैं.

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Antima Pal

मुंबई: नीरज घायवान निर्देशित फिल्म 'होमबाउंड' ऑस्कर 2026 की बेस्ट इंटरनेशनल फीचर फिल्म कैटेगरी में नामांकन की रेस से बाहर हो गई है. यह फिल्म भारत की आधिकारिक एंट्री थी, लेकिन फाइनल नॉमिनेशन में जगह नहीं बना पाई. फिल्म में मुख्य भूमिकाओं में ईशान खट्टर और विशाल जेठवा नजर आए हैं, साथ ही जान्हवी कपूर भी महत्वपूर्ण किरदार में हैं. 

ईशान खट्टर की 'होमबाउंड' ऑस्कर 2026 की रेस से बाहर

करण जौहर की धर्मा प्रोडक्शंस, अपूर्वा मेहता और आदर पूनावाला ने इसे प्रोड्यूस किया है. यह फिल्म न्यूयॉर्क टाइम्स में 2020 में प्रकाशित बशारत पीर के एक लेख पर आधारित है. कहानी दो दोस्तों शोएब (ईशान खट्टर) और चंदन (विशाल जेठवा) की है, जो दबे-कुचले बैकग्राउंड से आते हैं. वे समाज में अपनी जगह बनाने की जद्दोजहद करते हैं, जहां भेदभाव व्यवस्थित रूप से मौजूद है. कोविड-19 लॉकडाउन के दौरान उनकी नौकरियां छिन जाती हैं और वे मुश्किल हालात में घर लौटने के रास्ते तलाशते हैं. फिल्म सामाजिक मुद्दों, दोस्ती और संघर्ष को गहराई से दिखाती है.

फिल्म ने कान फिल्म फेस्टिवल और TIFF जैसे बड़े प्लेटफॉर्म पर शानदार तारीफ बटोरी थी. दिसंबर 2025 में यह टॉप 15 शॉर्टलिस्ट में शामिल हुई थी, जिससे उम्मीदें बढ़ गई थीं. लेकिन 22 जनवरी 2026 को घोषित नॉमिनेशन में भारत की जगह नहीं बनी. इस कैटेगरी में नॉमिनेटेड फिल्में हैं: ब्राजील की द सीक्रेट एजेंट, फ्रांस की इट वॉज जस्ट एन एक्सीडेंट, नॉर्वे की सेंटीमेंट वैल्यू, स्पेन की Sirat और ट्युनिशिया की द वॉइस ऑफ हिंद रजब को इंटरनेशनल फीचर फिल्म कैटेगरी में नॉमिनेशन मिला है.

24 साल से भारत का सूखा पड़ा

भारत के लिए यह निराशा इसलिए भी बड़ी है क्योंकि पिछली बार कोई भारतीय फिल्म इस कैटेगरी में नॉमिनेट हुई थी, वह आमिर खान की लगान थी, जो 2002 में नॉमिनेट हुई थी. उसके बाद 24 साल से भारत का सूखा पड़ा हुआ था. होमबाउंड से उम्मीद थी कि यह सूखा खत्म होगा, लेकिन ऐसा नहीं हो सका. फिर भी फिल्म की कहानी और परफॉर्मेंस की तारीफ हो रही है. ईशान खट्टर और विशाल जेठवा के अभिनय को क्रिटिक्स ने खूब सराहा है. नीरज घायवान जैसे संवेदनशील डायरेक्टर की यह फिल्म भारतीय सिनेमा में महत्वपूर्ण जगह रखती है.