Assembly Election 2026 West Bengal Assembly Election 2026 Assam Assembly Election 2026

'सर मुझे निकालना मत..' भंसाली ने एक्टर ताहा शाह से 3 दिन तक नहीं की थी बात, हीरामंडी के ताजदार ने खुद किया खुलासा

संजय लीला भंसाली की सीरीज 'हीरामंडी' ने दर्शकों का दिल जीतने में कोई कमी नहीं छोड़ी है. अब ताहा शाह ने बताया कि उनको ये रोल कैसे मिला.

Social Media
India Daily Live

Taha Shah: संजय लीला भंसाली की सीरीज 'हीरामंडी' ने दर्शकों का दिल जीतने में कोई कमी नहीं छोड़ी है. जब से वेब सीरीज रिलीज हुई गहै तब से ही इसको खूब प्यार दिया जा रहा है. इस सीरीज के हर कैरेक्टर की काफी तारीफ की जा रही है. हीरामंडी के ताजदार यानी ताहा शाह को इससे काफी फेम मिला. आप इनकी पॉपुलैरिटी का अंदाजा इस बात से लगा लीजिए कि अब ये नेशनल क्रश बन गए हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस ताहा शाह को इस पहले ताजदार नहीं बल्कि कोई और रोल मिलने वाला था. इस बात का खुलासा खुद एक्टर ने किया है.

अपनी सीरीज हीरामंडी पर बात करते हुए अभिनेता ताहा शाह ने कहा- "मुझे पहले ताजदार का रोल नहीं दिया गया था लेकिन तुषार और मैंने इसके बारे में जाना और हमने ऑडिशन के लिए श्रुति महाजन को कॉन्टैक्ट किया. मैंने 3 बार ऑडिशन दिया और मैं काफी खुश था. बाद में भंसाली सर ने श्रुति से कहा कि इसको बलराज की भूमिका दे दो...मैं इस रोल को पाकर खुश था और जब मैं कॉन्टैक्ट साइन करने पहुंचा तब उन्होंने मुझे एक बार फिर से बुलाया.

मैंने संजय सर के सामने गिड़गिराया

जब मैं संजय सर के पास पहुंचा तो मुझे लगा कि अब मेरा रोल किसी और को दे दिया जाएगा. जैसे पहले 14 सालों तक मेरे साथ हुआ कि पहले मुझे रोल ऑफर हुआ बाद में किसी और को मिल गया. जब मैं संजय सर के पास पहुंचा तो मैंने उनसे कहा सर प्लीज मुझे मत हटाइएगा. एक बार मुझे मौका देकर देखिए.

इसको सुनते ही भंसाली सर बोले-  तुमने क्या-क्या काम किया है तब मैंने उनको बताया तो उन्होंने कहा काम तो तुमने अच्छा किया लेकिन तुम फेमस नहीं हो. देखो मैंने तुम्हारा ऑडिशन देखा तुम्हारी आंखों में वो बात है इसलिए वो मुझे ताजदार बलूच का रोल देना चाहते हैं. इस बात को सुनकर मैं खुश हो गया.

ताजदार ने आगे बताया कि पहले 3 दिन तो भंसाली सर ने मुझसे बात नहीं की वो मुझे टेस्ट करना चाहते थे, सर को लोगों को टेस्ट करना पसंद है इसलिए पहले दो दिन की शूटिंग में अगर उनको कुछ मुझे इंट्रेक्शन देना होता था तो वो अपने असिस्टेंट को भेजते थे.